आजकल कम उम्र के लोगों में भी पैरों में दर्द, सूजन, कमजोरी और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक खड़े रहने, बैठे रहने या अचानक उठने पर पैरों में भारीपन महसूस होना अब आम समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे केवल बढ़ती उम्र नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली और खान-पान भी बड़ी वजह हैं।
तंबाकू का सेवन बन सकता है सबसे बड़ा कारण
वस्कुलर सर्जन डॉ. राजीव परख के अनुसार सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान, जर्दा या हुक्का जैसे किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन पैरों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे नसें संकरी और सख्त होने लगती हैं, जिससे पैरों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। लंबे समय तक ऐसा रहने पर दर्द, कमजोरी और चलने में परेशानी हो सकती है।
बढ़ता वजन और खराब खान-पान
अधिक वजन भी पैरों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
तली-भुनी चीजें, जंक फूड, अधिक मक्खन, मैदा और हाई फैट वाले खाद्य पदार्थ मोटापा बढ़ा सकते हैं। इससे पैरों में सूजन, घुटनों पर दबाव और चलने में कठिनाई बढ़ सकती है।
घंटों बैठे रहने की आदत
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है और शारीरिक गतिविधि बहुत कम है, तो पैरों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
कम चलने-फिरने से रक्त संचार भी प्रभावित होता है, जिससे पैरों में भारीपन और दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
गलत जूते और विटामिन की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार गलत फिटिंग वाले जूते पहनने से पैरों की बनावट और संतुलन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा शरीर में विटामिन D और विटामिन B12 की कमी हड्डियों और मांसपेशियों को कमजोर कर सकती है, जिससे पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
लंबे समय तक पैर लटकाकर बैठना भी नुकसानदायक
अगर आप घंटों तक पैर नीचे लटकाकर बैठे रहते हैं, तो इससे पैरों में रक्त संचार प्रभावित हो सकता है।
इस आदत से सूजन, भारीपन और मांसपेशियों की कमजोरी की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना-फिरना जरूरी माना जाता है।
पैरों को मजबूत रखने के आसान उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ पैरों के लिए कुछ अच्छी आदतें अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
- रोजाना 30–40 मिनट तेज चाल से वॉक करें।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
- हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- जंक फूड और तले हुए भोजन का सेवन कम करें।
- आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
- लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें और बीच-बीच में टहलें।
- पैरों में दर्द होने पर आराम करते समय पैरों को हल्का ऊंचा रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि पैरों में लगातार दर्द, बार-बार सूजन, चलने में कठिनाई, त्वचा का रंग बदलना, पैरों का ठंडा पड़ना या घाव देर तक ठीक न होना जैसी समस्याएं हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। सही कारण का पता लगाकर समय पर इलाज करना जरूरी है।
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