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जालना में शुरू हुआ सालभर का नि:शुल्क थायरॉइड निदान अभियान — 10,000 जांचों का लक्ष्य, डॉ. सेठिया और ट्रस्ट की पहल

जालना में शुरू होगा सालभर चलने वाला नि:शुल्क थायरॉइड निदान अभियान

10,000 जांचों का लक्ष्य, ट्रस्ट और रोटरी क्लब की संयुक्त पहल

जालना | विशेष प्रतिनिधि
सौ. जमुनाबाई शिवरतनजी बगडिया चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जालना जिले में एक स्वास्थ्य सेवा क्रांति की शुरुआत की जा रही है। ट्रस्ट ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2025 (डॉक्टर्स डे) से 30 जून 2026 तक एक वर्ष तक चलने वाला नि:शुल्क थायरॉइड निदान अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत 10,000 थायरॉइड जांचों का लक्ष्य रखा गया है।

इस अभियान का नेतृत्व रूबी हॉस्पिटल के संचालक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश सेठिया करेंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगडिया ने बताया कि इस उपक्रम का उद्देश्य है कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उन नागरिकों तक जांच की सुविधा पहुंचाई जाए जो आर्थिक या जानकारी की कमी के कारण इससे वंचित रह जाते हैं।

विश्व थायरॉइड दिवस के अवसर पर हुई शुरुआत

अभियान की औपचारिक घोषणा 25 मई 2025 को विश्व थायरॉइड दिवस के अवसर पर की गई। ट्रस्ट की इस पहल को रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा श्रीपत, सचिव पंकज लढ्ढा, इंद्रायणी पॅथॉलॉजी के डॉ. जितेंद्र बारगाजे और डॉ. संदीप कुलकर्णी का समर्थन प्राप्त है।

थायरॉइड विकार के लक्षण और इसके प्रभाव

  • वजन का असामान्य रूप से बढ़ना या घटना
  • शरीर में लगातार थकान महसूस होना
  • बालों का अधिक मात्रा में झड़ना
  • मासिक धर्म में अनियमितता
  • मानसिक अस्थिरता, अवसाद और बांझपन
  • हृदय रोग, हड्डियों में कमजोरी, त्वचा में रूखापन

डॉ. राजेश सेठिया ने बताया कि समय पर थायरॉइड की जांच और उपचार से इन सभी लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि थायरॉइड की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक देखी जाती है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं में यह स्थिति मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर हो सकती है।

पहले भी रहा है ट्रस्ट का स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान

ट्रस्ट ने पूर्व में रोटरी इंटरनॅशनल के सहयोग से “अब की बार एक लाख पार” नामक मधुमेह निदान अभियान चलाया था, जिसमें 30,000 से अधिक लोगों की मुफ्त जांच की गई थी। उसी सफलता को देखते हुए अब थायरॉइड पर केंद्रित इस अभियान को भी व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

थायरॉइड की वास्तविक स्थिति और जनसंख्या पर प्रभाव

भारत में थायरॉइड से ग्रसित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में 4.2 करोड़ थायरॉइड मरीज हैं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा वास्तव में 10-15 करोड़ के बीच हो सकता है, जिनमें से अधिकांश का कभी निदान ही नहीं हुआ।

भारत में महिलाओं में थायरॉइड का अनुपात 89% है, जबकि पुरुषों में यह केवल 11% है। थायरॉइड की समस्या का एक प्रमुख कारण आयोडीन की कमी भी है। आज भी कई ग्रामीण परिवार खड़ा नमक उपयोग करते हैं जिसमें आयोडीन नहीं होता, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

डॉ. सेठिया का नागरिकों से आह्वान

“अगर आपको वजन में असामान्य बदलाव, थकावट, बाल झड़ना, मासिक धर्म में गड़बड़ी, या मानसिक तनाव जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इस अभियान का लाभ लें और नि:शुल्क जांच अवश्य कराएं।” — डॉ. राजेश सेठिया

ट्रस्ट अध्यक्ष का उद्देश्य

“थायरॉइड जांच महंगी होती है, इसलिए आम लोग इससे दूर रहते हैं। यह अभियान उनके लिए जीवनदायिनी साबित होगा। हमारा उद्देश्य है समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना।” — पन्नालाल बगडिया

जागरूकता, सेवा और स्वास्थ्य की दिशा में एक मजबूत कदम

यह नि:शुल्क अभियान न केवल एक चिकित्सा सेवा है, बल्कि यह समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जनहित में सामूहिक प्रयास का एक प्रेरक उदाहरण है।


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Imran Siddiqui

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