आठ में से एक महिला थायराइड की शिकार, सही पोषण और समय पर जांच से बचाव संभव : डॉ. राजेश सेठिया
केवल वजन बढ़ना ही नहीं, बाल झड़ना और त्वचा का सूखना भी थायराइड के प्रमुख लक्षण
जालना : बदलती जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आज हर आठ में से एक महिला जीवन में कभी न कभी थायराइड बीमारी की चपेट में आ सकती है। यह बीमारी केवल वजन बढ़ने या घटने तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। अत्यधिक थकान, बाल झड़ना, त्वचा का सूखना, मूड में बदलाव और महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता जैसे लक्षण भी थायराइड से जुड़े हो सकते हैं।
यह जानकारी रूबी हॉस्पिटल के संचालक एवं “अब की बार थायराइड टेस्ट दस हजार पार” अभियान के प्रकल्प प्रमुख डॉ. राजेश सेठिया ने विश्व थायराइड दिवस के अवसर पर दी। उन्होंने कहा कि सही पोषण, नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
समय पर पहचान नहीं होने से बढ़ती हैं समस्याएं
डॉ. सेठिया ने बताया कि आज भी 60 प्रतिशत से अधिक लोग शरीर में थायराइड की समस्या होने के बावजूद समय पर इसकी पहचान नहीं कर पाते। यही कारण है कि बाद में यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष 25 मई को दुनियाभर में “विश्व थायराइड दिवस” मनाया जाता है। इस वर्ष “थायराइड और पोषण का संबंध” विषय पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य खबरों के लिए पढ़ें :
Health News – NewsNationOnline.com
थायराइड क्या है और कैसे करता है शरीर को प्रभावित?
डॉ. सेठिया ने बताया कि थायराइड गर्दन में स्थित एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो शरीर में आवश्यक हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन हृदय की धड़कन, शरीर का तापमान, ऊर्जा स्तर, मानसिक स्थिति, पाचन क्रिया और महिलाओं के मासिक चक्र को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यदि थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। कई बार लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
महिलाओं में अधिक खतरा
डॉ. राजेश सेठिया के अनुसार, अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक पाई जाती है। प्रत्येक आठ में से एक महिला को जीवन में कभी न कभी यह बीमारी होने की संभावना रहती है।
उन्होंने बताया कि थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है :
1. हायपोथायराइडिज्म
इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि आवश्यकता से कम हार्मोन बनाती है। इससे शरीर की चयापचय प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके कारण :
- अत्यधिक थकान
- अचानक वजन बढ़ना
- कब्ज की समस्या
- अधिक ठंड लगना
- सुस्ती और कमजोरी
जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
2. हायपरथायराइडिज्म
इस स्थिति में शरीर में हार्मोन अधिक मात्रा में बनने लगते हैं, जिससे शरीर की चयापचय प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं :
- तेजी से वजन घटना
- दिल की धड़कन बढ़ना
- अधिक पसीना आना
- गर्मी सहन न होना
- घबराहट और बेचैनी
गलत खानपान और तनाव भी बड़ी वजह
डॉ. सेठिया ने बताया कि शरीर में आयोडीन का असंतुलन थायराइड बीमारी का प्रमुख कारण है। पहले केवल आयोडीन की कमी के कारण यह बीमारी होती थी, लेकिन अब फास्ट फूड, तनावपूर्ण जीवनशैली और खराब खानपान भी बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भोजन में संतुलित मात्रा में आयोडीन युक्त नमक, हरी पत्तेदार सब्जियां, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। इसके साथ ही नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली भी बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमेह और गठिया जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित लोगों में भी थायराइड का खतरा अधिक रहता है। बढ़ती उम्र और आनुवंशिक कारणों से भी यह बीमारी तेजी से बढ़ सकती है।
थायराइड और स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक जानकारी के लिए पाठक American Thyroid Association तथा World Health Organization (WHO) की वेबसाइट देख सकते हैं।
इन लोगों के लिए जांच बेहद जरूरी
डॉ. सेठिया ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और नवमाताओं को थायराइड की जांच अवश्य करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीएसएच (TSH) थायराइड की मुख्य रक्त जांच होती है। इसके अलावा टी-3 और टी-4 जांच भी की जाती हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार हर छह महीने में नियमित जांच करवाना लाभदायक होता है।
थायराइड के प्रमुख लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए :
- अत्यधिक थकान और सुस्ती
- तेजी से बाल झड़ना
- त्वचा का सूखना
- गर्दन में सूजन
- महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म
- बिना कारण मूड बदलना
- नींद की समस्या
- अचानक वजन बढ़ना या घटना
डॉ. सेठिया ने कहा कि यदि समय पर बीमारी का पता चल जाए, तो उचित उपचार और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन देर होने पर जटिलताएं बढ़ने लगती हैं।
जालना में चल रहा विशेष थायराइड जांच अभियान
जालना में “अब की बार थायराइड टेस्ट दस हजार पार” अभियान के तहत 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो और सौ. जमनाबाई शिवरतनजी बगड़िया चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
डॉ. सेठिया ने बताया कि अब तक 95 से अधिक मुफ्त शिविरों में 9 हजार से ज्यादा थायराइड जांच पूरी की जा चुकी हैं और अभियान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
एसआरपीएफ जवानों के लिए विशेष जनजागरण कार्यक्रम
विश्व थायराइड दिवस के अवसर पर सोमवार 25 मई को शाम 6 बजे राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) के जवानों के लिए विशेष जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में थायराइड के लक्षण, बचाव, उपचार और सही खानपान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
डॉ. सेठिया ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए ट्रस्ट अध्यक्ष पन्नालाल बगड़िया, रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो की अध्यक्षा डॉ. प्रतिभा श्रीपत और सचिव पंकज लड्ढा विशेष प्रयास कर रहे हैं।
जागरूकता और समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, फास्ट फूड और बढ़ते तनाव के कारण थायराइड के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. सेठिया ने कहा कि सही पोषण, नियमित व्यायाम और समय पर जांच के जरिए थायराइड जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

































































































Leave a Reply