Jalna Police Training Centre Diabetes Camp: मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित
जालना: Jalna Police Training Centre Diabetes Camp: प्रशिक्षण ले रहे जवानों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जमुनाबाई शिवरतन बगडिया चैरिटेबल ट्रस्ट और रूबी हॉस्पिटल के संयुक्त सहयोग से जालना के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में मुफ्त मधुमेह (डायबिटीज) जांच शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में करीब 1200 भावी पुलिस जवानों की ब्लड शुगर जांच की गई तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और सलाह दी गई।
यह स्वास्थ्य अभियान लगभग 12 दिनों तक चला, जिसमें प्रतिदिन करीब 100 प्रशिक्षण ले रहे जवानों की जांच की गई। शिविर में मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. राजेश सेठिया और उनकी टीम ने प्रशिक्षणार्थियों की जांच कर उन्हें मधुमेह से बचाव के उपाय बताए।
यह शिविर पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य अशोक बनकर और मेडिकल अधिकारी डॉ. जस्मिन शाह के प्रयासों से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगडिया और डॉ. राजेश सेठिया उपस्थित रहे।
मधुमेह जांच क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते। समय-समय पर जांच कराने से बीमारी का पता जल्दी चल जाता है और गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
मधुमेह से संबंधित अधिक जानकारी के लिए देखें:
- भारत सरकार स्वास्थ्य पोर्टल: https://www.india.gov.in
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: https://nhm.gov.in
- डायबिटीज जानकारी: https://www.who.int/health-topics/diabetes
शुगर से बचाव के लिए दी गई सलाह
मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. राजेश सेठिया ने बताया कि खाली पेट ब्लड शुगर 100 तक सामान्य माना जाता है, जबकि 126 तक होने पर व्यक्ति प्री-डायबिटीज की स्थिति में माना जाता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण के दौरान नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के कारण युवा फिट रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद साल में कम से कम एक बार ब्लड शुगर जांच कराना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि:
- संतुलित भोजन जरूरी है
- नियमित व्यायाम करना चाहिए
- समय पर जांच करानी चाहिए
- मोटापा नियंत्रित रखना चाहिए
इन उपायों से मधुमेह जैसी बीमारी से बचा जा सकता है।

स्वास्थ्य जांच अभियान लगातार जारी
डॉ. सेठिया ने बताया कि पिछले वर्ष रोटरी क्लब और बगडिया ट्रस्ट के सहयोग से डेढ़ लाख से अधिक लोगों की मधुमेह जांच की गई थी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष ट्रस्ट द्वारा 10 हजार मुफ्त थायरॉइड जांच करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक लगभग 6500 जांच पूरी हो चुकी हैं।
पुलिस जवानों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगडिया ने बताया कि ट्रस्ट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम चला रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल समाज की सुरक्षा करता है, इसलिए उनका शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भावी पुलिस जवानों में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया।

प्रशिक्षणार्थियों को मिला स्वास्थ्य लाभ
पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य अशोक बनकर ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण में शारीरिक अभ्यास बहुत महत्वपूर्ण होता है और प्रशिक्षण ले रहे जवान कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन कई बार अंदरूनी बीमारियों की जानकारी नहीं मिल पाती।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों से प्रशिक्षणार्थियों को अपनी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति की सही जानकारी मिलती है और भविष्य में होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बगडिया चैरिटेबल ट्रस्ट के इस प्रयास को सराहनीय बताया।
यह स्वास्थ्य शिविर प्रशिक्षणार्थियों के लिए उपयोगी साबित हुआ और इससे पुलिस जवानों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
Key Points
- जालना पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में मुफ्त शुगर जांच शिविर आयोजित
- 1200 भावी पुलिस जवानों की जांच
- 12 दिनों तक चला स्वास्थ्य अभियान
- जमुनाबाई शिवरतन बगडिया ट्रस्ट और रूबी हॉस्पिटल की पहल
- मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. राजेश सेठिया ने किया मार्गदर्शन
- साल में एक बार शुगर जांच कराने की सलाह
- 10 हजार मुफ्त थायरॉइड जांच का लक्ष्य
- पुलिस जवानों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की पहल
FAQ
1. जालना में शुगर जांच शिविर कहाँ आयोजित किया गया?
यह शिविर जालना के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
2. कितने प्रशिक्षणार्थियों की जांच की गई?
लगभग 1200 भावी पुलिस जवानों की ब्लड शुगर जांच की गई।
3. शिविर कितने दिनों तक चला?
यह स्वास्थ्य अभियान करीब 12 दिनों तक चला।
4. ब्लड शुगर का सामान्य स्तर कितना माना जाता है?
खाली पेट ब्लड शुगर 100 तक सामान्य माना जाता है, जबकि 126 तक होने पर प्री-डायबिटीज की स्थिति मानी जाती है।
5. मधुमेह से बचाव कैसे किया जा सकता है?
संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच कराकर मधुमेह से बचाव किया जा सकता है।
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