जालना में मेडिकल कॉलेज निर्माण को मिली रफ्तार — सड़क व बाउंड्री वॉल का कार्य शुरू, पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने जताई संतुष्टि
जालना: जालना शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर गणेशनगर शिवार में प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी आ रही है। वर्तमान में कॉलेज परिसर में सड़क निर्माण और सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल) का काम शुरू हो चुका है।
कॉलेज परिसर में आवश्यक जल आपूर्ति के लिए मेडिकल अधिष्ठाता कार्यालय ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) को पत्र भेजा है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री कार्यालय की वॉर रूम टीम ने गुरुवार को प्रगति की समीक्षा की, जिसमें अब तक की सभी गतिविधियों का आकलन किया गया। जल्द पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही निर्माण कार्य और अधिक गति पकड़ने की संभावना है।
पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने कहा – “अब यह सपना साकार होता दिख रहा है”
पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने मेडिकल कॉलेज की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा: “इस कॉलेज को मंजूरी दिलवाने से लेकर इसका शैक्षिक सत्र शुरू होने तक मैंने लगातार प्रयास किए। कई बार विधान भवन में आवाज उठाई, आंदोलनों का नेतृत्व किया और संबंधित विभागों के साथ संवाद कर कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध कराई।”
उन्होंने कहा कि जब तक कॉलेज की स्थायी इमारत पूरी नहीं हो जाती, तब तक अस्थायी भवन में शैक्षणिक कार्य आरंभ कराने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह कॉलेज जालना को शैक्षणिक रूप से नई दिशा देगा और भविष्य में यहां M.D. (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) पाठ्यक्रम की शुरुआत भी की जाएगी।
100 सीटों वाला कॉलेज और 430 बेड का अस्पताल स्वीकृत
14 जुलाई 2023 को मेडिकल एजुकेशन एवं औषधि विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के अनुसार, 100 एमबीबीएस सीटों वाले कॉलेज और 430 बेड के अस्पताल की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सरकार ने 10.40 हेक्टेयर (लगभग 26 एकड़) भूमि भी प्रदान की है।
छात्रावास एवं प्रायोगिक सुविधाओं की व्यवस्था
अंबड-मंठा बायपास रोड स्थित किराए की इमारत में पहले बैच के 100 विद्यार्थी वर्तमान में अध्ययनरत हैं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों व छात्राओं के लिए अलग-अलग वसतिगृह की सुविधा सुनिश्चित की है, और शिक्षण व प्रायोगिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।
आगामी शैक्षणिक वर्ष में एक और बैच (100 विद्यार्थी) के प्रवेश की तैयारी के चलते नवीन आवासीय सुविधा विकसित की जा रही है।
जिला अस्पताल का निःशुल्क शिक्षण उपयोग हेतु हस्तांतरण
एमबीबीएस विद्यार्थियों को सैद्धांतिक और प्रायोगिक चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने हेतु जिला सामान्य अस्पताल और महिला रुग्णालय को स्थावर और जंगम संपत्ति सहित नि:शुल्क उपयोग हेतु मेडिकल एजुकेशन विभाग को हस्तांतरित किया गया है। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण में भी सुलभता प्राप्त हो रही है।
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