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क्षतिग्रस्त पिस्तौल से जीता था एशियाई खेलों का स्वर्ण, भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का आज होगा अंतिम संस्कार

Two men standing side by side; the left man proudly shows a gold medal toward the camera, wearing a patterned scarf and glasses, while the right man smiles in a blue shirt and glasses.

भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी, अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 600 से अधिक पदक जीतने वाले जसपाल राणा ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि एक सफल प्रशिक्षक के रूप में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उत्तराखंड के टिहरी जिले में जन्मे जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। खेल प्रेमियों को आज भी वर्ष 1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों का वह ऐतिहासिक क्षण याद है, जब उन्होंने तकनीकी खराबी और क्षतिग्रस्त पिस्तौल के बावजूद अद्भुत प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। विपरीत परिस्थितियों में हासिल की गई यह जीत भारतीय खेल इतिहास के सबसे प्रेरणादायक अध्यायों में से एक मानी जाती है।

जसपाल राणा ने अपने खेल करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया और 600 से अधिक पदक अपने नाम किए। खिलाड़ी के साथ-साथ उन्होंने एक कुशल कोच के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर को शुरुआती दौर में प्रशिक्षण देने का श्रेय भी उन्हें जाता है। इसके अलावा सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला सहित कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को उन्होंने तैयार किया।

खेलों के अलावा जसपाल राणा ने राजनीति में भी कदम रखा था। वर्ष 2009 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तराखंड की टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान खेल और युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर केंद्रित कर दिया। उनकी बहन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बहू हैं।

शुक्रवार रात उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां परिवार, मित्रों, खिलाड़ियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बेटे के अंतिम दर्शन करते समय उनके पिता नारायण सिंह राणा भावुक हो गए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके आवास पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।

शनिवार दोपहर तक उनका पार्थिव शरीर देहरादून के पौंधा स्थित जसपाल राणा शूटिंग रेंज में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद विशेष विमान से पार्थिव शरीर को वाराणसी ले जाया जाएगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी उपलब्धियां और युवा खिलाड़ियों को दी गई प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बनी रहेंगी।


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