पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश में हालात गंभीर बना दिए हैं। बाढ़, भूस्खलन और तेज कटाव के कारण कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। असम में रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन सेवाएं बाधित हैं, जबकि एक 300 मीटर लंबा लोहे का पुल तेज बहाव में बह गया। दूसरी ओर, अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ और सड़क धंसने की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, ट्रेनों का संचालन रोका गया
असम के धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल भारी बारिश और नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार, 110 मिमी से अधिक बारिश के बाद पुल का एक खंभा अस्थिर हो गया, जिसके चलते अर्चिपथर और सिमेन चापारी स्टेशनों के बीच रेल सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोक दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी ट्रेन या यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है।
300 मीटर लंबा लोहे का पुल बहा
लगातार बारिश के कारण केमी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा लोहे का पुल तेज बहाव में बह गया। पुल बहने से केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र और जोनाई सदर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पूरा पुल पानी में समा गया।
पुल निर्माण पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि यह पुल करीब एक वर्ष पहले ही बनाया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से लोहे के बजाय मजबूत कंक्रीट पुल बनाने की मांग की थी, क्योंकि नदी में तेज बहाव की संभावना रहती है। लोगों का आरोप है कि उनकी सलाह को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण यह पुल बाढ़ का सामना नहीं कर सका।
अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर भूस्खलन और धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। केयी पान्योर जिले में अचानक आई बाढ़ से अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पांच लोग बाढ़ के पानी में बह गए थे, जिनमें तीन के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। रेलवे विभाग पुल की तकनीकी जांच में जुटा है, जबकि स्थानीय प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन अलर्ट पर है।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.









































































































Leave a Reply