भारत के PM नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा पूरी करके नई दिल्ली लौट आए। यह यात्रा संयुक्त अरब अमीरात नीदरलैंड स्वीडन नॉर्वे और इटली तक फैली रही। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना तकनीकी सहयोग को बढ़ाना जलवायु परिवर्तन पर साझेदारी करना और रक्षा क्षेत्र में नए समझौते करना था। इस यात्रा को भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हर देश में भारत को नए निवेश और रणनीतिक सहयोग के बड़े अवसर मिले हैं। यह दौरा भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है।
संयुक्त अरब अमीरात में ऊर्जा और रक्षा साझेदारी को नई मजबूती
पांच देशों की यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से हुई। प्रधानमंत्री मोदी का अबू धाबी में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान भारत और यूएई के बीच रक्षा साझेदारी को नई दिशा मिली। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे पर हस्ताक्षर किए। ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में कच्चे तेल के योगदान पर सहमति बनी। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यूएई ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा की जो लगभग पांच अरब डॉलर तक पहुंचती है। दोनों देशों ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए सुरक्षित समुद्री मार्गों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह दौरा भारत और यूएई के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला साबित हुआ।
नीदरलैंड स्वीडन और नॉर्वे में तकनीकी और ग्रीन सहयोग का विस्तार
यूरोप के इन तीन देशों की यात्रा भारत के लिए अत्यंत लाभकारी रही। नीदरलैंड में भारत और डच सरकार के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया गया। ऐतिहासिक चोल काल की ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच बड़ा तकनीकी समझौता हुआ। स्वीडन में भारत और स्वीडन ने रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी गलियारे की शुरुआत पर भी चर्चा हुई। नॉर्वे में भारत और नॉर्वे ने ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की। ग्रीन हाइड्रोजन पवन ऊर्जा और कार्बन कैप्चर तकनीक पर सहयोग बढ़ाने के समझौते हुए। इसरो और नॉर्वे के बीच अंतरिक्ष अनुसंधान में भी साझेदारी मजबूत हुई।
इटली में रणनीतिक वार्ता और वैश्विक सहयोग को नई दिशा
यात्रा का अंतिम पड़ाव इटली रहा जहां प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। यह मुलाकात विला डोरिया पैम्फिली में हुई जहां औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की गई। व्यापार निवेश प्रौद्योगिकी रक्षा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत और इटली ने कनेक्टिविटी और शिक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत करने का निर्णय लिया। वैश्विक भू राजनीतिक परिस्थितियों पर भी दोनों नेताओं ने विचार साझा किए। यह यात्रा भारत की विदेश नीति को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने वाली साबित हुई।
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