Anti Paper Leak Law: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को पेपर लीक, नकल और संगठित धांधली से मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का बड़ा कदम अब कानून बन चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026’ पूरे देश में लागू हो गया है। नए कानून में दोषियों के लिए सख्त सजा, भारी जुर्माना और समयबद्ध सुनवाई का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ कानून
संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इस संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही यह अधिनियम पूरे देश में प्रभावी हो गया है। संशोधित कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाना और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाना है।
किन परीक्षाओं पर होगा लागू?
नया कानून केंद्र सरकार की सभी प्रमुख सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा। इनमें शामिल हैं:
- UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)
- SSC (कर्मचारी चयन आयोग)
- RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड)
- NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) द्वारा आयोजित परीक्षाएं
- केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की अन्य सार्वजनिक भर्ती परीक्षाएं
क्या हैं नए कानून के प्रमुख प्रावधान?
संशोधित अधिनियम के तहत पेपर लीक, संगठित नकल, उत्तर कुंजी लीक, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, फर्जी एडमिट कार्ड, फर्जी वेबसाइट, कंप्यूटर सिस्टम में हेरफेर और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली को अपराध माना गया है।
मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
- परीक्षा अपराध पर 5 से 10 वर्ष तक की जेल।
- अधिकतम 50 लाख रुपये तक जुर्माना।
- संगठित अपराध में 7 से 10 वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
- दोषी सेवा प्रदाताओं पर 5 करोड़ रुपये तक जुर्माना तथा 8 वर्ष तक सार्वजनिक परीक्षाओं से प्रतिबंध।
जांच और सुनवाई होगी समयबद्ध
कानून के तहत विशेष टास्क फोर्स जांच करेगी। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और मामलों का तीन महीने के भीतर निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार का पक्ष और सुधार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने पहले ही ऑनलाइन आवेदन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार जैसे कई उपाय लागू किए हैं। यह सरकार का आधिकारिक पक्ष है।
नया लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहल है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्यों, जांच एजेंसियों और परीक्षा संस्थाओं द्वारा इसका प्रभावी और निष्पक्ष क्रियान्वयन किस तरह किया जाता है। यदि कानून का सख्ती से पालन हुआ, तो यह लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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