कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति को याद करने का अवसर भी है जिन्होंने वर्ष 1999 में दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगे का मान बढ़ाया। इस अवसर पर देश के प्रमुख नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सेना के पराक्रम को नमन किया और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीर सैनिकों के साहस को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश भारत की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति कृतज्ञ है। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जवानों का अदम्य साहस राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा और उनकी देशभक्ति तथा कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
अमित शाह और राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन विजय’ को किया याद
गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल विजय दिवस को भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में हिमालय की दुर्गम चोटियों पर विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जवानों ने ‘ऑपरेशन विजय’ के जरिए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सैनिकों को शत-शत नमन करते हुए कहा कि भारतीय सेना का साहस, त्याग और अटूट संकल्प सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
विपक्षी नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश उनके साहस और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
कारगिल विजय दिवस का महत्व
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना द्वारा वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में हासिल की गई ऐतिहासिक जीत की याद दिलाता है। इस युद्ध में अनेक सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है।
कारगिल विजय दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और बलिदान की भावना को जीवित रखने का संकल्प भी है। देश के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देना इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्र की सुरक्षा और सैनिकों का सम्मान राजनीति से ऊपर है। भारत हमेशा अपने अमर शहीदों के बलिदान का ऋणी रहेगा।
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