शिया धर्मगुरु आगा सैयद हसन मुसावी को गुरुवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर ईरान जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया। यह दावा उनके बेटे और पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी ने किया है। उनके अनुसार, आगा हसन तेहरान में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान जा रहे थे, जहां उन्हें आधिकारिक आमंत्रण मिला था।
इमिग्रेशन अधिकारियों पर लगाए आरोप
आगा मुंतजिर मेहदी का आरोप है कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पिता के सामने कुछ शर्तें रखीं। उनका दावा है कि अधिकारियों ने कहा कि उन्हें यात्रा की अनुमति तभी मिलेगी, जब वे भारत के आधिकारिक रुख के खिलाफ कोई बयान नहीं देंगे और कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। बेटे के अनुसार, आगा हसन ने कहा कि वे केवल धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं और कोई सार्वजनिक भाषण नहीं देंगे, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने ऐसी शर्तें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
पासपोर्ट जब्त किए जाने का भी दावा
परिजनों का दावा है कि इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने आगा सैयद हसन मुसावी का पासपोर्ट जब्त कर लिया। उनके अनुसार, इस संबंध में एक सीजर मेमो जारी कर पासपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीनगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) भेजा गया। हालांकि, इस मामले में संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
ईरान से मिला था विशेष निमंत्रण
बताया जा रहा है कि आगा सैयद हसन मुसावी उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिन्हें ईरान से विशेष निमंत्रण मिला था। आमंत्रित लोगों में सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी, शिया नेता इमरान अंसारी, सैयद हादी और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने भारत से आमंत्रित मेहमानों के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की थी, जिसमें महबूबा मुफ्ती और इमरान अंसारी को यात्रा की अनुमति मिल गई, जबकि आगा हसन की यात्रा विवाद का विषय बन गई।
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