दिल्ली में छात्र आंदोलन का चेहरा बने अभिजीत दीपके ने अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति में प्रवेश करना नहीं, बल्कि अपने गांव का विकास करना है। साथ ही CJP की आगामी रणनीति को लेकर भी उन्होंने अहम संकेत दिए।
‘राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं’
CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी राजनीति में आने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि उनका उद्देश्य राजनीति करना होता, तो वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका नहीं जाते। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपने गांव के विकास के बारे में सोचते रहे हैं और यही उनकी प्राथमिकता है।
गांव का सरपंच बनने का सपना
दीपके ने बताया कि उनका सपना महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित अपने गांव सांतुक पिंपरी का सरपंच बनने का है। उनके अनुसार गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में अभी काफी काम किया जाना बाकी है। वे स्कूलों की स्थिति सुधारना, बेहतर सड़कें और नालियां बनवाना तथा गांव में अस्पताल की स्थापना जैसे कार्य करना चाहते हैं।
गांव से जुड़ाव ने दी नई सोच
बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि वे हर साल गर्मियों में दो से तीन महीने अपने गांव में बिताते थे। उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिली, लेकिन गांव के कई बच्चों को जर्जर स्कूलों और टूटी हुई कक्षाओं में पढ़ाई करनी पड़ती थी। यही अनुभव उन्हें गांव के लिए कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देता रहा।
CJP बनेगा एक प्रेशर ग्रुप
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके संगठन के पास बड़ी संख्या में स्वयंसेवक हैं और भविष्य में CJP एक राजनीतिक दल के बजाय प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगा। उनका मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे जनता के मुद्दों को मजबूती से सामने लाने का काम करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नए आंदोलन और नए नेतृत्व समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
5 अगस्त की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, CJP के प्रमुख सदस्य 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अभिजीत दीपके के आवास पर बैठक करेंगे। बैठक में स्वयंसेवकों और छात्रों से मिले सुझावों पर चर्चा होगी तथा संगठन की भविष्य की रणनीति और कार्ययोजना तय की जाएगी। बैठक के बाद CJP प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसलों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा करेगा।
दिल्ली के आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके का यह बयान उनके भविष्य की दिशा को स्पष्ट करता है। उन्होंने सत्ता की राजनीति से दूरी बनाते हुए स्थानीय विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करने की इच्छा जताई है। अब 5 अगस्त की बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी, जहां CJP की आगे की भूमिका और रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।
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