केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 समारोह में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के युवाओं से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रसिद्ध पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पढ़ने का आग्रह किया। शाह ने कहा कि इस ग्रंथ की शिक्षाएं युवाओं को जीवन में सही दिशा देंगी और उन्हें गलत निर्णय लेने से बचाएंगी।
‘गीता रहस्य’ को बताया जीवन का मार्गदर्शक
अमित शाह ने कहा कि युवाओं को भगवद्गीता को तिलक महाराज के दृष्टिकोण से समझना चाहिए। उनके अनुसार, इस पुस्तक में बताया गया है कि एक सामान्य नागरिक, छात्र और युवा अपने दैनिक जीवन में गीता के सिद्धांतों को कैसे अपना सकता है। उन्होंने कहा कि तिलक की रचनाएं कालजयी हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी।
तिलक की शिक्षाओं को बताया आज भी प्रासंगिक
गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का जीवन और उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक गणेश उत्सव के माध्यम से तिलक ने समाज को संगठित किया और स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। शाह ने यह भी कहा कि भारत आज सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जिसकी नींव तिलक ने रखी थी।
‘स्वराज’ के नारे का किया उल्लेख
अपने संबोधन में अमित शाह ने तिलक के प्रसिद्ध नारे “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस विचार ने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और देशवासियों को यह एहसास कराया कि स्वशासन उनका अधिकार है, किसी का उपकार नहीं। उनके अनुसार, तिलक के राष्ट्रवाद, स्वराज और सामाजिक जागरण के विचार आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
अजीत डोभाल को मिला राष्ट्रीय सम्मान
समारोह के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने कहा कि तिलक की निर्भीक राष्ट्रवादी सोच और अजीत डोभाल की सुरक्षा रणनीति में समानता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डोभाल की रणनीतिक सोच ने भारत की विदेश और सुरक्षा नीति को नई मजबूती दी है।
पुणे में आयोजित यह समारोह केवल एक सम्मान समारोह नहीं रहा, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी लेकर आया। अमित शाह ने लोकमान्य तिलक की विचारधारा, ‘गीता रहस्य’ की शिक्षाओं और अजीत डोभाल के योगदान का उल्लेख करते हुए राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना पर जोर दिया। उनका संदेश था कि मजबूत चरित्र, सही विचार और राष्ट्रहित की भावना ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी आधारशिला है।
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