नई दिल्ली, 15 मई 2026 — देशभर में 15 मई 2026 की सुबह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। यह पिछले चार साल में पहली बार है जब सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतें बढ़ाई हैं। इसी के साथ दिल्ली में CNG के दाम भी ₹2 प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। इस फैसले से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा, और माल ढुलाई व कृषि लागत भी बढ़ने की आशंका है।
क्यों बढ़े दाम?
सरकारी तेल कंपनियां — Indian Oil Corporation, BPCL और HPCL — कई महीनों से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद घरेलू दाम स्थिर रखे हुई थीं। इससे इन कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने बताया कि तेल कंपनियाँ प्रतिदिन ₹1,000 करोड़ का घाटा उठा रही थीं।
पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण Strait of Hormuz के पास तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत $105 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। लगातार बढ़ते घाटे और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच यह मूल्य वृद्धि अपरिहार्य हो गई थी।
प्रमुख शहरों में नई कीमतें
₹3 की वृद्धि के बाद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹97.77/लीटर, डीजल ₹90.67/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹106.68/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹108.74/लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹103.67/लीटर
महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल पर राज्य VAT ऊंचा होने के कारण यहाँ के दाम अन्य राज्यों से थोड़े अधिक हैं। जालना और मराठवाड़ा के निवासियों को भी इसी दर से कीमतें चुकानी होंगी।
CNG भी हुई महंगी
दिल्ली में Indraprastha Gas Limited (IGL) ने CNG के दाम ₹2 प्रति किलो बढ़ा दिए हैं। इससे ऑटो-रिक्शा और CNG कैब चालकों पर असर पड़ेगा। महाराष्ट्र में भी Mahanagar Gas Limited (MGL) जल्द ही कीमत संशोधन कर सकती है। मुंबई, पुणे और नागपुर के लाखों CNG वाहन चालकों को इसकी जानकारी रखनी चाहिए।
आम जनता पर असर
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर होगा जो दैनिक यात्रा के लिए दोपहिया या चारपहिया वाहन का उपयोग करते हैं। साथ ही माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियां, दूध, अनाज समेत रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
किसानों के लिए यह खबर और भी चिंताजनक है। डीजल से चलने वाले पंपसेट से सिंचाई की लागत बढ़ जाएगी। खरीफ सीजन की तैयारी में पहले से खर्च बढ़ा हुआ है, और अब ईंधन की कीमत से बोझ और गहरा होगा।
महंगाई पर असर
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ₹3 की वृद्धि से CPI महंगाई दर 0.3-0.5% तक बढ़ सकती है। परिवहन लागत बढ़ने से जुलाई-अगस्त तक खाद्य पदार्थों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। Reserve Bank of India (RBI) अगली मौद्रिक नीति बैठक में इस पर विचार करेगी।
Bain & Company की एक हालिया रिपोर्ट भी संकेत देती है कि वैश्विक liquidity के दबाव और तकनीकी बदलावों के बीच भारत में निजी निवेश 2026 में सतर्क रहेगा — ऐसे में ईंधन महंगाई एक और चुनौती जोड़ती है।
विपक्ष ने किया विरोध
ईंधन मूल्य वृद्धि पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस, TMC और AAP ने इसे “आम जनता पर हमला” करार दिया है और मांग की है कि सरकार अपना अतिरिक्त excise duty घटाकर आम लोगों को राहत दे। महाराष्ट्र में विपक्ष ने जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अगर कच्चे तेल की कीमत $110 प्रति बैरल से ऊपर रही, तो एक और वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि सरकार फिलहाल स्थिति पर नजर रख रही है। आने वाले हफ्तों में पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी कि अगला कदम क्या होगा।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे वाहन पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और electric vehicles जैसे विकल्पों पर विचार करें ताकि बढ़ती ईंधन कीमत का बोझ कम हो सके। साथ ही अपने वाहन का नियमित रखरखाव करें — सही tyre pressure और engine tuning से भी ईंधन की बचत होती है।
- पेट्रोल, डीजल, और CNG कीमतें बढ़ीं: 15 मई 2026 से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं, और दिल्ली में CNG के दाम भी ₹2 प्रति किलो बढ़े हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा।
- मामला क्यों बढ़े मूल्य?: राश्ट्र्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था, और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया।
- प्रमुख शहरों में नई ईंधन कीमतें: दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77/लीटर, मुंबई में ₹106.68/लीटर, कोलकाता में ₹108.74/लीटर और चेन्नई में ₹103.67/लीटर हो गई है। महाराष्ट्र में करों के कारण कीमतें अन्य राज्यों से अधिक हैं।
- CNG की कीमतें भी बढ़ीं: दिल्ली में CNG के दाम ₹2 प्रति किलो बढ़े हैं, जिससे ऑटो-रिक्शा और CNG कैब चालकों को झटका लगेगा, और महाराष्ट्र में भी कीमतों मेंเร็ว बदलाव हो सकता है।
- आम जनता और किसानी पर असर: पेट्रोल-डीजल की कीमतें जनजीवन और माल ढुलाई दोनों पर महंगा प्रभाव डालेंगी, जबकि किसानों के लिए सिंचाई और कृषि लागत को और बढ़ावा मिलेगा, जिससे उनकी चुनौती बढ़ेगी।
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