PM मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए देशवासियों से कई अहम अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ जीवन जीना होगा। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बचत को देशभक्ति से जोड़ते हुए इसे समय की जरूरत बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में ईंधन की बचत सीधे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। उन्होंने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। उनका संदेश साफ था कि संकट के समय छोटे छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
ईंधन बचत और डिजिटल कामकाज पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्क फ्रॉम होम को फिर से अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि रोजाना ऑफिस आने जाने में भारी मात्रा में ईंधन खर्च होता है। अगर कंपनियां सप्ताह में कुछ दिन घर से काम की व्यवस्था लागू करें तो पेट्रोल और डीजल की खपत में बड़ी कमी आएगी। उन्होंने मेट्रो और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की भी सलाह दी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ईंधन बचेगा बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। पीएम मोदी ने कारपूल जैसी व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा देने की बात कही। उनका फोकस साफ है कि तकनीक और सहयोग से देश ऊर्जा संकट का बेहतर सामना कर सकता है।
विदेशी मुद्रा बचाने की रणनीति पर फोकस
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से गैर जरूरी विदेश यात्राओं को टालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटन और महंगे आयोजन देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव डालते हैं। मौजूदा समय में रुपये पर दबाव और डॉलर की मजबूती के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में घरेलू पर्यटन और देश के भीतर आयोजन को प्राथमिकता देना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक की भूमिका अहम है। उन्होंने सोने की खरीद को भी एक साल तक सीमित रखने की सलाह दी। उनका कहना है कि सोने का आयात कम होने से व्यापार घाटा नियंत्रित रहेगा और रुपये की स्थिरता बनी रहेगी।
स्वदेशी अपनाने और कृषि सुधार की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से मेड इन इंडिया उत्पादों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादों की खरीद से देश में रोजगार बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने किसानों से भी प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने को कहा। पीएम मोदी ने रासायनिक खाद के उपयोग को कम करने और सौर ऊर्जा आधारित पंप अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत बड़ी मात्रा में खाद और ऊर्जा कच्चे माल का आयात करता है। ऐसे में आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था समय की मांग है। उनका संदेश था कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए उपभोक्ता और किसान दोनों को मिलकर बदलाव करना होगा।
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