जालना में ओवैसी का सियासी धमाका, BJP के राष्ट्रवाद पर सीधा वार. ओवैसी का BJP पर हमला
चीन–पाक हथियार, ट्रंप द्वारा ‘अपमान’ और शेख हसीना को शरण—AIMIM प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और दोहरे मानदंडों पर उठाए गंभीर सवाल
जालना | प्रतिनिधि: ओवैसी का BJP पर हमला: जालना महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा उस वक्त और चढ़ गया, जब Asaduddin Owaisi ने शहर के दुखी नगर में आयोजित एक विशाल जनसभा से Bharatiya Janata Party और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ओवैसी के आक्रामक भाषण ने न सिर्फ चुनावी माहौल को गरमा दिया, बल्कि राष्ट्रवाद और विदेश नीति को लेकर सरकार के दावों पर भी सवालों की झड़ी लगा दी।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद ओवैसी ने चीन द्वारा पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के कथित भारत-विरोधी बयानों और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को भारत में शरण दिए जाने जैसे मुद्दों को उठाते हुए सीधे प्रधानमंत्री Narendra Modi से जवाब मांगा।
रविवार को हुई इस चुनावी सभा में AIMIM के जालना जिला अध्यक्ष शेख माजेद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। AIMIM ने इस बार जालना महानगरपालिका की कुल 65 सीटों में से 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
विदेश नीति पर सवाल, चीन–पाकिस्तान मुद्दे को उठाया
ओवैसी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए तथाकथित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पाकिस्तान को चीन से बड़े पैमाने पर हथियारों की आपूर्ति हुई। ओवैसी का दावा था कि पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन से आते हैं, इसके बावजूद भारत सरकार द्वारा चीनी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि चीन खुले तौर पर पाकिस्तान को हथियार दे रहा है, तो फिर भाजपा का राष्ट्रवाद इस मुद्दे पर चुप क्यों है। “राष्ट्रवाद के नारे कहां गायब हो जाते हैं?”—यह सवाल ओवैसी ने मंच से दोहराया।
ट्रंप के बयान और ‘अपमान’ का मुद्दा
अमेरिका के संदर्भ में ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारत का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्रंप के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें भारत द्वारा अमेरिका से 68 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों के ऑर्डर का जिक्र किया गया था।
ओवैसी का आरोप था कि इन हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति में अत्यधिक देरी हुई, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वयं ट्रंप से मुलाकात करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बार-बार भारत के अपमान के बावजूद भाजपा नेतृत्व की चुप्पी महात्मा गांधी के “तीन बंदरों” जैसी प्रतीत होती है।
शेख हसीना को शरण देने पर मोदी सरकार को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण दिए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर देश के मुसलमानों को बार-बार ‘बांग्लादेशी’ कहकर निशाना बनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर एक विदेशी नेता को शरण दी जाती है।
ओवैसी ने पूछा कि यदि नागरिकता और देशभक्ति के सवाल इतने संवेदनशील हैं, तो फिर यह दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
मुस्लिम युवाओं की गिरफ्तारी और संविधान का मुद्दा
सभा के दौरान ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में कई मुस्लिम युवक वर्षों से बिना मुकदमे के जेलों में बंद हैं और उन्हें जमानत तक नहीं दी जा रही।
उन्होंने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21—जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है—का सीधा उल्लंघन बताया।
UAPA और कांग्रेस पर भी निशाना
ओवैसी ने छात्र कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद को लेकर कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA में किए गए संशोधनों के कारण बिना जमानत लंबे समय तक हिरासत संभव हो पाई है।
5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत न दिए जाने का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने न्यायिक प्रक्रिया में अपनाए जा रहे भिन्न-भिन्न रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जे.एस. वर्मा के कथन का हवाला देते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं।”
‘धर्मनिरपेक्ष दलों’ पर हमला और राजनीतिक अपील
ओवैसी ने तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे परोक्ष रूप से भाजपा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों का “नकाब उतर चुका है” और दलितों व मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के लिए वे भी जिम्मेदार हैं।
अपने भाषण के अंत में ओवैसी ने मुसलमानों से केवल वोट बैंक बनकर न रहने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि समुदाय अपना स्वतंत्र और सशक्त नेतृत्व तैयार करे। उन्होंने आगामी महानगरपालिका चुनाव में AIMIM को समर्थन देने की अपील की।
इस दौरान उन्होंने भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल पर भी निशाना साधते हुए उनके आरएसएस से कथित संबंधों का उल्लेख किया। सभा में AIMIM के जिला अध्यक्ष शेख माजेद ने भी पार्टी की नीतियों और चुनावी एजेंडे पर प्रकाश डाला।



- मुख्य Highlights (जालना ओवैसी रैली)
- Asaduddin Owaisi ने जालना के दुखी नगर में चुनावी सभा से BJP के राष्ट्रवाद पर सीधा और तीखा हमला बोला।
- चीन द्वारा पाकिस्तान को हथियार आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा—“अगर चीन पाकिस्तान को हथियार दे रहा है, तो भाजपा का राष्ट्रवाद कहां गया?”
- ओवैसी का दावा—पाकिस्तान के करीब 80% सैन्य उपकरण चीन से आते हैं, फिर भी भारत में चीनी कंपनियों को निवेश का न्योता।
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump पर भारत के अपमान का आरोप, अपाचे हेलिकॉप्टर डील में देरी का मुद्दा उठाया।
- प्रधानमंत्री Narendra Modi की चुप्पी को महात्मा गांधी के “तीन बंदरों” से जोड़ा।
- बांग्लादेश की पूर्व पीएम Sheikh Hasina को भारत में शरण देने पर सवाल—“मुसलमानों को बांग्लादेशी कहा जाता है, फिर शेख हसीना को शरण क्यों?”
- मुस्लिम युवाओं की बिना मुकदमे लंबी कैद को संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया।
- उमर खालिद और शरजील इमाम की जेल में लंबी हिरासत पर चिंता, UAPA संशोधन के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर टिप्पणी—“सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं”।
- तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों पर आरोप—भाजपा के खिलाफ दिखावटी विरोध, परोक्ष समर्थन।
- मुसलमानों से अपील—“सिर्फ वोट बैंक न बनें, अपना मजबूत नेतृत्व खड़ा करें”।
- AIMIM ने जालना महानगरपालिका चुनाव में 65 में से 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
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