तुर्की हैंडलर ‘उकासा’ द्वारा संचालित दिल्ली आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश — रेड फोर्ट कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा
लेखक: NewsNationOnline Team
दिल्ली में हाल ही में उजागर हुए आतंकी मॉड्यूल को लेकर जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस मॉड्यूल का संचालन तुर्की में मौजूद एक रहस्यमयी हैंडलर ‘उकासा’ द्वारा किया जा रहा था, जो अंकारा से सुरक्षित चैनलों के माध्यम से लगातार निर्देश भेज रहा था। मुख्य आरोपी उमर उन नबी, जो अल-फला यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर बताया गया है, इस मॉड्यूल को भारत में संगठित करने का काम कर रहा था।
10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जांच में भी इसी मॉड्यूल की भूमिका सामने आई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तारियों की आशंका से घबराकर एक सदस्य ने कार में मौजूद विस्फोटक को सक्रिय कर दिया। यह भी आशंका है कि मॉड्यूल किसी बड़े हमले की तैयारी में था।
पूरी जांच की टाइमलाइन
- 2021–2022: उमर और तुर्की हैंडलर ‘उकासा’ के बीच पहला ऑनलाइन संपर्क।
- 2022: उमर का तुर्की दौरा — जांच एजेंसियों का दावा, यात्रा का उद्देश्य आतंक योजना से जुड़ा था।
- 2023–2024: मॉड्यूल का विस्तार, डॉक्टरों और पेशेवरों की भर्ती।
- 10 नवंबर 2025: लाल किले के पास कार ब्लास्ट, मॉड्यूल की गतिविधियों के उजागर होने की ओर संकेत।
- 11–13 नवंबर 2025: लगातार छापेमारी, कई संदिग्धों की पहचान और पूछताछ।
गिरफ्तार और संदिग्ध व्यक्तियों की सूची
- उमर उन नबी: मुख्य समन्वयक, अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर।
- 3–4 डॉक्टर और मेडिकल छात्र: सामग्री जुटाने, कट्टरपंथ फैलाने और लॉजिस्टिक सपोर्ट में शामिल।
- दिल्ली–एनसीआर के 2–3 स्थानीय सहयोगी: कार, विस्फोटक और ग्राउंड नेटवर्क को संभालने वाले।
मॉड्यूल कैसे काम करता था? (Modus Operandi)
यह मॉड्यूल एक ‘व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क’ की तरह काम कर रहा था। इसका संचालन प्रोफेशनल्स और उच्च शिक्षित युवाओं द्वारा किया जा रहा था।
- विदेशी हैंडलर ‘उकासा’: अंकारा से एनक्रिप्टेड ऐप्स पर निर्देश।
- एनक्रिप्टेड कम्युनिकेशन: टेलीग्राम और अन्य सुरक्षित प्लेटफॉर्म का उपयोग।
- स्लीपर सेल एक्टिवेशन: दिल्ली और एनसीआर में नेटवर्क तैयार।
- फंडिंग चैनल: छोटी-छोटी किश्तों और फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल।
- पेशेवरों की भागीदारी: डॉक्टर और शिक्षक लॉजिस्टिक सपोर्ट में शामिल।
तुर्की का आधिकारिक बयान
तुर्की दूतावास ने किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि या कट्टरपंथ से जुड़े होने के आरोपों से इनकार किया है। हालांकि, एजेंसियां इस मामले की अंतरराष्ट्रीय कड़ी को और गहराई से खंगाल रही हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां विदेशी फंडिंग, मॉड्यूल की संपूर्ण संरचना और भविष्य की संभावित योजना को बेहद गंभीरता से जांच रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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