ओवैसी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख असिम मुनिर के परमाणु हमले के विवादित बयान की कड़ी निंदा की, मोदी सरकार से मांगी ठोस राजनीतिक प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलमान (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असिम मुनिर द्वारा दिए गए परमाणु हमले के धमकी भरे बयान की कड़ी आलोचना की है। असिम मुनिर ने हाल ही में कहा था कि अगर पाकिस्तान को कोई अस्तित्वगत खतरा महसूस हुआ, तो वह “आधी दुनिया को भी अपने साथ लेकर जाएगा” और भारतीय बांधों को “दस मिसाइलों” से तबाह कर देगा। इस बयान को ओवैसी ने “सड़कछाप” और गैर-जिम्मेदाराना कहा, जो कि एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की गरिमा के बिल्कुल अनुरूप नहीं है।
ओवैसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे उकसावे वाले बयान न केवल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरा भी पैदा करते हैं। उन्होंने मोदी सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे खतरे की गंभीरता को समझते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर को और मजबूत किया जाए। उन्होंने रक्षा बजट में वृद्धि की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि भारत किसी भी तरह की संभावित सैन्य या परमाणु धमकी का प्रभावी मुकाबला कर सके।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर हैं। मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने असिम मुनिर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया था, जो उनके सैन्य नेतृत्व को मान्यता देने जैसा था। उस संघर्ष के बाद भारत ने इंदस जल संधि को निलंबित कर दिया और नई दिल्ली से पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और तनावपूर्ण हो गए।
ओवैसी ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है कि भारत पूरी सतर्कता के साथ अपनी रक्षा रणनीति तैयार रखे और पड़ोसी देशों की हरकतों का कड़ा जवाब दे। उन्होंने मोदी सरकार से यह भी कहा कि राजनीतिक स्तर पर स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया देने की जरूरत है ताकि ऐसे उकसावे को कोई बढ़ावा न मिले।
ओवैसी के इस कड़े बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर पाकिस्तान के ऐसे रुख के खिलाफ व्यापक जागरूकता और तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट है कि देश की रक्षा नीतियों को और ज्यादा मजबूत करने की मांग बढ़ रही है, खासकर तब जब परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी जैसी बातें की जा रही हों।
प्रमुख बिंदु (Main Points):
- असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख के परमाणु धमकी भरे बयान की कड़ी निंदा की।
- ओवैसी ने इसे “सड़कछाप” और गैर-जिम्मेदाराना rhetoric करार दिया।
- मोदी सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और रक्षा बजट बढ़ाने की मांग।
- मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद असिम मुनिर को फील्ड मार्शल पद पर पदोन्नत किया गया।
- भारत ने इंदस जल संधि को निलंबित किया और पाक सैन्य सलाहकारों को निष्कासित किया।
- क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए कड़े राजनीतिक और सैन्य कदम आवश्यक।
- ओवैसी का बयान बढ़ते भारत-पाक तनाव के बीच आया है, जो देश में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाता है।
- Asaduddin Owaisi strongly condemned Pakistan Army Chief’s nuclear threat statements.
- Owaisi termed the remarks as “street-level” and irresponsible rhetoric.
- He demanded the Modi government strengthen national security and increase defense spending.
- Asim Munir was promoted to Field Marshal after the India-Pakistan conflict in May 2025.
- India suspended the Indus Waters Treaty and expelled Pakistani military advisers.
- Strong political and military steps are necessary for regional stability and peace.
- Owaisi’s statement comes amid rising India-Pakistan tensions, raising security awareness in India.

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