नांदेड-रायचूर एक्सप्रेस का विस्तार जल्द होगा, जालना तक बढ़ाने की तैयारी तेज
- The Nanded-Raichur Express train extension to Jalna is underway and expected soon.
- Jalna railway station has washing pit lines ready to accommodate long-distance trains.
- There is a strong demand to make the Jalna-Chhapra train operate daily instead of once a week.
- The unannounced weekly train from Jalna to Purna, continuing to Patna, is vital for connectivity and might be extended to Jalna fully.
- Passengers from Marathwada region demand new and regular trains connecting major cities like Nagpur, Patna, Chennai, Hyderabad, Delhi, Kolkata, Jammu, and Bengaluru.
- Current train frequency is limited on many routes, causing inconvenience and delays for passengers.
- Passengers expect the railway department to prioritize these demands and improve services using Jalna’s existing infrastructure.
जालना: रेलवे विभाग ने नांदेड-रायचूर एक्सप्रेस ट्रेन के विस्तार पर काम शुरू कर दिया है, जिसे जल्द ही जालना तक बढ़ाया जाएगा। दो वर्ष पूर्व जालना रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन के लिए वॉशिंग पिटलाइन का निर्माण किया गया था, ताकि नई और लंबी दूरी की गाड़ियों का स्वागत किया जा सके। हालांकि, अब तक इस दिशा में अपेक्षित नई ट्रेनें जालना तक नहीं आई हैं, लेकिन रेलवे सूत्रों के अनुसार, निकट भविष्य में नांदेड-रायचूर एक्सप्रेस का विस्तार कर इसे जालना तक लाने की योजना फाइनल की जा रही है।
मनमाड-भुसावल-इटारसी मार्ग से होकर चलने वाली जालना-छपरा ट्रेन फिलहाल सप्ताह में केवल एक दिन चलती है। यात्रियों की मांग है कि इसे नियमित रूप से सातों दिन चलाया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे दूरदराज़ के राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इस ट्रेन के नियमित संचालन से न केवल यात्रा में आसानी होगी, बल्कि जालना क्षेत्र का रेल नेटवर्क भी मजबूत होगा। स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों के लिए यह बेहद लाभकारी साबित होगा।
हर गुरुवार जालना से पूर्णा तक चलने वाली अघोषित विशेष ट्रेन भी है, जो बाद में पूर्णा से पटना के लिए रवाना होती है। इस ट्रेन से कई यात्री पटना तक की दूरी पूरी करते हैं। यदि इस ट्रेन को जालना तक बढ़ाया जाए, तो यह उत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इस विस्तार से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती प्रदान करेगा।
मराठवाड़ा क्षेत्र के यात्रियों ने नागपुर, पटना, चेन्नई, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता, जम्मू और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए नियमित और नई ट्रेन सेवा की मांग कई वर्षों से की है। वर्तमान में कई प्रमुख मार्गों पर ट्रेनों की संख्या बेहद सीमित है और अधिकांश गाड़ियां सप्ताह में केवल एक या दो दिन ही चलती हैं। इसके कारण यात्रियों को काफी असुविधा और लंबा इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि चेन्नई, हैदराबाद, दिल्ली, बिहार समेत अन्य दूरदराज के इलाकों से आने-जाने के लिए पर्याप्त ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। खासकर जालना से पटना, मनमाड, नागपुर (पूर्णा मार्ग से), छत्रपती संभाजीनगर से बेंगलुरु, जालना-कोलकाता और जालना-जम्मू मार्गों पर लगातार नई ट्रेनों की मांग उठती रही है। वे चाहते हैं कि रेलवे विभाग इन मांगों को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही नई गाड़ियों की शुरुआत करे।
रेलवे प्रशासन से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि वह जालना रेलवे स्टेशन के वाशिंग पिट लाइन समेत अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए क्षेत्र की रेल सेवा को मजबूत बनाएगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा।

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