महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब एनसीपी की नेता रूपाली चाकरणकर से प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले से जुड़ी थी जिसमें गिरफ्तार भोंदू बाबा अशोक खरात का नाम सामने आया है। रूपाली चाकरणकर गुरुवार सुबह करीब दस बजकर तीस मिनट पर मुंबई स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं। उन्हें पहले से ही पीएमएलए कानून के तहत समन जारी किया गया था। जांच एजेंसी ने दिनभर उनसे शिवनिका संस्थान ट्रस्ट से जुड़े संबंधों पर सवाल पूछे। यह ट्रस्ट नाशिक जिले में अशोक खरात से जुड़ा बताया जाता है और इसकी वित्तीय गतिविधियां जांच के दायरे में हैं।
ट्रस्ट में भूमिका और वित्तीय लेनदेन पर सवाल
पूछताछ के दौरान ईडी ने रूपाली चाकरणकर की ट्रस्टी के रूप में भूमिका को लेकर विस्तार से जानकारी मांगी। एजेंसी ने जानना चाहा कि ट्रस्ट के अंदर उनके क्या अधिकार और जिम्मेदारियां थीं। साथ ही ट्रस्ट को मिलने वाले दान और उन पैसों के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए। जांच अधिकारियों ने यह भी पूछा कि क्या किसी प्रकार के वित्तीय फैसलों में उनकी भागीदारी रही है। रूपाली चाकरणकर ने इन सभी आरोपों और सवालों से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका ट्रस्ट के वित्तीय संचालन से कोई लेना देना नहीं रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें किसी भी प्रकार के फंड के दुरुपयोग की जानकारी नहीं है।
परिवारिक लेनदेन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच
ईडी की जांच सिर्फ ट्रस्ट तक सीमित नहीं रही बल्कि रूपाली चाकरणकर के परिवार से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी जांच के घेरे में आए। एजेंसी ने उनके पति निलेश चाकरणकर से जुड़ी एक रियल एस्टेट एलएलपी फर्म के रिकॉर्ड खंगाले। इसके अलावा उनकी बहन प्रतिभा चाकरणकर और अन्य परिजनों के बैंक लेनदेन की जानकारी भी मांगी गई। सूत्रों के अनुसार कुछ संदिग्ध ट्रांजैक्शन को लेकर सवाल उठे हैं जिनमें लगभग पच्चीस लाख रुपये से अधिक की एंट्री सामने आई है। ईडी यह जांच कर रही है कि क्या इन लेनदेन का संबंध अशोक खरात या उनके ट्रस्ट नेटवर्क से है या नहीं। एजेंसी अब सभी दस्तावेजों का गहन सत्यापन कर रही है।
पूछताछ के बाद बयान और आगे की जांच की दिशा
पूछताछ के बाद रूपाली चाकरणकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने अशोक खरात से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया और आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताया। रूपाली ने यह भी कहा कि उनकी बहन प्रतिभा चाकरणकर का समता क्रेडिट सोसाइटी से कोई संबंध नहीं है। इस बीच ईडी अब उनके द्वारा दिए गए सभी जवाबों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। वहीं अशोक खरात पर रेप और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
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