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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद हों, वरना सड़कों पर उतरेंगे भारतीय मुसलमान: सईद नूरी

रज़ा अकादमी की दो टूक चेतावनी—दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो दूतावास के सामने होगा आंदोलन, भारत सरकार से कड़े दबाव की मांग

जालना: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं और कथित मॉब लिंचिंग के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सईद नूरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेश सरकार ने दोषियों के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो भारत के मुसलमान व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने भारत सरकार से भी इस संवेदनशील मुद्दे पर बांग्लादेश पर प्रभावी दबाव बनाने और कठोर रुख अपनाने की मांग की।

यह बयान रज़ा अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सईद नूरी ने जालना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दिया। वे जालना स्थित दरगाह हज़रत सैय्यद अहमद शेर सवार के उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर शहर पहुंचे थे।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सईद नूरी ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से न केवल भारत, बल्कि पूरा विश्व समुदाय चिंतित और व्यथित है। रज़ा अकादमी की स्पष्ट और दृढ़ मांग है कि हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवारों को न्यायोचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बांग्लादेश सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो भारत में बांग्लादेशी दूतावास के समक्ष शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। साथ ही भारत सरकार से भी अपेक्षा है कि वह कूटनीतिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सईद नूरी ने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में सूफी संतों के अमन, शांति, प्रेम और भाईचारे के संदेश की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मुंबई में ‘जुलूस-ए-चिश्तिया’ का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा दिए गए शांति, सहिष्णुता और मानवता के पैग़ाम को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जालना में रज़ा अकादमी के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आगे की रणनीति और आंदोलनात्मक कार्यक्रमों पर निर्णय लिया जाएगा।

संवाददाता सम्मेलन में मौलाना अब्दुल रहमान जियाई (मुंबई), रज़ा अकादमी के राष्ट्रीय सचिव मौलाना उम्मन मियां, मुंबई के मौलाना अब्बास रज़वी तथा दरगाह के इनामदार व मुतवल्ली सैयद जमील अहमद क़ादरी रज़वी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

भारत सरकार की भूमिका को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सईद नूरी ने कहा कि यह निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन हमारी स्पष्ट और ईमानदार अपील है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार तत्काल रोके जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश में अल्पसंख्यकों को समान अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए, और इस दिशा में बांग्लादेश व भारत—दोनों सरकारों को ठोस, प्रभावी और संवेदनशील कदम उठाने चाहिए।

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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