विस्तृत समाचार
लोकसभा चुनाव 2024 में कथित “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर देश के चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) ने विपक्ष को सख्त संदेश दिया है।
आयोग ने साफ कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने के लिए, किसी भी गड़बड़ी का दावा करते समय प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान और वोट चोरी हुई है।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यहां एक लाख से अधिक वोट “चोरी” किए गए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा —
- ऐसा कोई भी आरोप तथ्यों और सबूतों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि केवल सार्वजनिक मंच पर।
- यदि किसी को यह प्रमाण है कि किसी मतदाता ने दो बार वोट डाला या किसी अन्य प्रकार की गड़बड़ी हुई, तो उसे शपथपत्र के साथ आयोग के पास भेजना होगा।
- ‘वोट चोरी’ जैसे अपमानजनक शब्द न केवल मतदाताओं की ईमानदारी बल्कि लाखों चुनावकर्मियों की मेहनत पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
आयोग ने यह भी दोहराया कि भारत में “एक व्यक्ति, एक वोट” का सिद्धांत 1951-52 के पहले आम चुनाव से आज तक लागू है।
अंत में, चुनाव आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना साक्ष्य लगाए गए गंभीर आरोप लोकतंत्र और जनता के भरोसे को कमजोर करते हैं,
इसलिए राजनीतिक दलों को जिम्मेदार बयानबाज़ी करनी चाहिए।


