Bad Cholesterol: दिल की बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे करोड़ों मरीजों के लिए वैज्ञानिकों ने एक नई उम्मीद पेश की है। रिसर्च में दावा किया गया है कि एक खास जीन थेरेपी की मदद से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को लंबे समय तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आने वाले बड़े क्लिनिकल ट्रायल सफल रहते हैं तो मरीजों को जिंदगीभर कोलेस्ट्रॉल की दवाएं लेने की जरूरत नहीं पड़ सकती। इस थेरेपी को भविष्य की क्रांतिकारी मेडिकल तकनीक माना जा रहा है।
VERVE-102 ट्रायल में मिले उत्साहजनक नतीजे
वैज्ञानिकों ने VERVE-102 नाम की जीन थेरेपी पर शुरुआती रिसर्च की है, जिसके नतीजे एक प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। इस अध्ययन में 35 मरीजों को शामिल किया गया, जिन्हें जन्म से हाई कोलेस्ट्रॉल या कम उम्र में हार्ट डिजीज का खतरा था। रिसर्च में पाया गया कि इस थेरेपी ने LDL कोलेस्ट्रॉल को औसतन 62 प्रतिशत तक कम कर दिया। कुछ मरीजों में इसका स्तर घटकर लगभग 78 mg/dL तक पहुंच गया और इसका असर एक साल तक बना रहा, जो इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
AIIMS के विशेषज्ञों ने बताया बड़ा बदलाव
AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अम्बुज रॉय ने इस रिसर्च को हार्ट हेल्थ के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव बताया है। उनके अनुसार यह तकनीक PCSK9 जीन की इन-विवो बेस एडिटिंग पर काम करती है, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया पर लंबे समय तक नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसकी सुरक्षा लंबे समय तक साबित होती है, तो यह हृदय रोगों के इलाज का तरीका पूरी तरह बदल सकती है।
हार्ट डिजीज के इलाज में भविष्य की बड़ी दिशा
दुनियाभर में हाई LDL कोलेस्ट्रॉल को हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लॉकेज का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। मौजूदा दवाएं कई मरीजों में पूरी तरह असर नहीं दिखा पातीं, जिससे जोखिम बना रहता है। ऐसे में यह नई जीन थेरेपी एक संभावित वन-टाइम ट्रीटमेंट के रूप में देखी जा रही है। शुरुआती ट्रायल में किसी बड़े सुरक्षा खतरे की पुष्टि नहीं हुई है, और अब दवा कंपनी इस साल इसके दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की तैयारी कर रही है।
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