सुबह नींद खुलते ही गर्दन में अकड़न या तेज दर्द महसूस होना आजकल एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक गलत पोजीशन में सोना, ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करना या लगातार मोबाइल और लैपटॉप पर काम करना इसकी प्रमुख वजह हो सकती है। यदि यह समस्या बार-बार होती है, तो दवा लेने से पहले कुछ आसान योगासन आपकी मदद कर सकते हैं।
सुबह गर्दन में दर्द क्यों होता है?
गर्दन का दर्द अक्सर गलत सोने की मुद्रा, बहुत मोटे तकिए, मांसपेशियों में खिंचाव या लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने के कारण होता है। कई मामलों में तनाव और खराब पोस्चर भी इसकी वजह बनते हैं। यदि दर्द लगातार बना रहे, हाथों में झनझनाहट हो या कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
1. मार्जरीआसन (Cat-Cow Pose)
मार्जरीआसन गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। दोनों हाथों और घुटनों के बल आकर सांस लेते हुए गर्दन को ऊपर उठाएं और पीठ को नीचे की ओर झुकाएं। फिर सांस छोड़ते हुए ठुड्डी को छाती की ओर लाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोल करें। यह अभ्यास गर्दन की जकड़न कम करने और लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकता है।
2. बालासन (Child’s Pose)
बालासन शरीर को आराम देने वाला योगासन है। घुटनों के बल बैठकर कूल्हों को एड़ियों पर टिकाएं और धीरे-धीरे आगे झुकते हुए माथा जमीन पर रखें। हाथों को सामने की ओर फैलाएं। यह आसन गर्दन, कंधों और पीठ की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के साथ तनाव कम करने में भी सहायक हो सकता है।
3. भुजंगासन (Cobra Pose)
पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें और सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। गर्दन को आरामदायक सीमा तक पीछे ले जाएं और कुछ सेकंड रुकें। यह आसन गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने तथा पोस्चर सुधारने में मदद कर सकता है।
4. ग्रीवा संचालन
यदि आपके पास समय कम है, तो ग्रीवा संचालन सबसे आसान अभ्यासों में से एक है। आराम से बैठकर गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं, ऊपर-नीचे और फिर घड़ी की दिशा तथा विपरीत दिशा में घुमाएं। ध्यान रखें कि सभी गतिविधियां धीरे-धीरे और बिना झटके के करें। इससे गर्दन की जकड़न कम हो सकती है और गतिशीलता बेहतर हो सकती है।
इन योगासनों का नियमित अभ्यास गर्दन की मांसपेशियों को आराम देने, पोस्चर सुधारने और हल्के दर्द या अकड़न में राहत पहुंचाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, यदि दर्द बहुत तेज हो, चोट के बाद शुरू हुआ हो, कई दिनों तक बना रहे या हाथों में सुन्नपन और कमजोरी जैसी समस्या हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय किसी योग्य डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह अवश्य लें।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.








































































































Leave a Reply