मानसून की बारिश जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाती है, वहीं बढ़ी हुई नमी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। ऐसे में कई लोग पूरी रात एयर कंडीशनर (AC) चलाकर सोना पसंद करते हैं। इससे चिपचिपाहट और पसीने से राहत तो मिलती है, लेकिन अगर AC का सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर भी डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में AC का तापमान और उपयोग का समय दोनों संतुलित होना चाहिए।
मानसून में AC कितने तापमान पर चलाना चाहिए?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, मानसून में हवा में नमी अधिक होती है और कमरे को ठंडा होने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसलिए AC को बहुत कम तापमान पर चलाने की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि AC को 25–26 डिग्री सेल्सियस पर 2–3 घंटे तक चलाएं। इससे कमरे की अतिरिक्त नमी कम हो जाती है और बाद में पंखे की हवा भी आरामदायक महसूस होती है। यदि पूरी रात सोना हो तो AC का टाइमर लगाकर सोना बेहतर विकल्प है।
रातभर AC चलाने से हो सकते हैं ये नुकसान
लगातार पूरी रात AC में सोने से कमरे की हवा काफी शुष्क (Dry) हो जाती है। इससे नाक और गले में जलन, आंखों में सूखापन, होंठ फटना और त्वचा में रूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि AC के फिल्टर समय-समय पर साफ न किए जाएं तो उनमें धूल, फफूंद और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जो एलर्जी, छींक, खांसी और नाक बंद होने जैसी परेशानियों का कारण बन सकते हैं। अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्वस्थ रहने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून में AC का नियमित सर्विसिंग कराना, फिल्टर साफ रखना और कमरे में समय-समय पर ताजी हवा आने देना बेहद जरूरी है। बहुत ठंडी हवा में लंबे समय तक रहने से मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न, साइनस की समस्या, सिरदर्द और थकान भी महसूस हो सकती है। इसलिए AC का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करें और तापमान 25–26 डिग्री के आसपास रखें, ताकि आराम के साथ आपकी सेहत भी सुरक्षित रहे।
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