हृदय स्वास्थ्य की देखभाल केवल बीमारी होने के बाद शुरू नहीं होनी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच से कुछ जोखिम कारकों की पहचान समय रहते हो सकती है। कौन-कौन सी जांच और कितनी बार करनी है, यह व्यक्ति की उम्र, जोखिम और चिकित्सकीय इतिहास पर निर्भर करता है।
किन चीजों पर नजर रखें?
- रक्तचाप यानी BP।
- Blood sugar, खासकर यदि मधुमेह या उसका जोखिम हो।
- Cholesterol और अन्य lipid measurements, डॉक्टर की सलाह के अनुसार।
- वजन और कमर से जुड़े माप, जरूरत के अनुसार।
- धूम्रपान, तंबाकू, शारीरिक निष्क्रियता और पारिवारिक इतिहास जैसे जोखिम कारक।
कब डॉक्टर से बात करना जरूरी है?
यदि रिपोर्ट लगातार असामान्य हो, परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास हो, या सीने में परेशानी, सांस फूलना, बेहोशी या अन्य चिंताजनक लक्षण हों, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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वैज्ञानिक स्रोत: WHO cardiovascular diseases और World Heart Federation।
महत्वपूर्ण: कोई भी जांच हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। अपनी उम्र और जोखिम के अनुसार जांच योजना डॉक्टर से तय करें।
