Outbreak of skin infection among stray dogs in Jalna district, pet dogs also in danger
पशु चिकित्सकों ने दी पालतू कुत्तों के मालिकों को सावधानी बरतने की सलाह
जालना: जालना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों में बड़े पैमाने पर स्किन इन्फेक्शन का प्रकोप देखा जा रहा है. इस बीमारी के कारण कुत्तों की त्वचा पर खुजली, बालों का झड़ना और त्वचा के संक्रमण के लक्षण देखे गए हैं. पशु चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अगर संक्रमित आवारा कुत्तों के संपर्क में पालतू कुत्ते आते हैं, तो उनके भी इस बीमारी से प्रभावित होने की संभावना है.
पालतू कुत्तों के लिए सावधानी बरतने की सलाह
जाफराबाद के पशुधन विकास अधिकारी मनोजकुमार पांडेय ने कहा कि पालतू कुत्तों को सुबह-शाम टहलाने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए. संक्रमित आवारा कुत्तों से संपर्क से बचाने के लिए उन्हें समय पर टीकाकरण और रेबीज के इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, पशु चिकित्सक से नियमित जांच कराना भी आवश्यक है.
आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी और प्रशासन की लापरवाही
जालना शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इनमें से कई कुत्ते त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित हैं. नगर प्रशासन, नगर परिषद और ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है कि इन कुत्तों का टीकाकरण सुनिश्चित करें. लेकिन इस दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे यह समस्या और गंभीर हो सकती है.
स्किन इंफेक्शन फैलने के कारण
पशु चिकित्सकों के अनुसार, कुत्तों में अस्वच्छता, पिसू का संक्रमण, मौसमी एलर्जी, हार्मोनल असंतुलन और चोट लगने जैसे कारणों से स्किन इंफेक्शन फैलता है. इससे कुत्तों में खुजली और त्वचा पर संक्रमण के लक्षण विकसित हो जाते हैं.
संक्रमण से बचाव के उपाय

- -पालतू कुत्तों को नियमित रूप से नहलाएं और साफ-सफाई रखें.
- -पशु चिकित्सक से समय-समय पर कुत्तों की जांच कराएं.
- -आवारा कुत्तों से पालतू कुत्तों को दूर रखें.
- -रेबीज और अन्य बीमारियों के लिए समय पर टीकाकरण कराएं.
स्थानीय प्रशासन पर सवाल
आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए समय पर टीकाकरण और देखभाल आवश्यक है. स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग को संयुक्त प्रयास से इस समस्या का समाधान करना चाहिए.
विशेषज्ञ की सलाह:
“अगर कोई कुत्ता काटे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं और उपचार कराएं. समय पर कदम उठाने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है.” – मनोजकुमार पांडे, पशुधन विकास अधिकारी
जिले में स्किन इंफेक्शन का बढ़ता प्रकोप न केवल आवारा कुत्तों के लिए बल्कि पालतू कुत्तों और उनके मालिकों के लिए भी चिंता का विषय है. प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना होगा.
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.





































































































Leave a Reply