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जालना-नांदेड एक्सप्रेस वे: नए साल में होगी शुरुआत, हैदराबाद भी आएगा दायरे में

कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

Jalna-Nanded Expressway: Will start in the new year, Hyderabad will also come under its purview

जालना: मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग के लोकार्पण के एक साल पूरे होने के अवसर पर जालना से नांदेड़ तक 179 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का श्रीगणेश नए साल में होगा। इस महामार्ग का निर्माण अॅफ्को कंपनी को सौंपा गया है और कंपनी के प्रतिनिधि कैंप निर्माण के लिए जगह की तलाश में जुट गए हैं. सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के कामकाज पर बेहतर नियंत्रण के लिए सुविधाजनक जगह का चयन किया जाएगा.

इस एक्सप्रेस वे के निर्माण से जालना, राजधानी मुंबई और उपराजधानी नागपुर के बाद दक्षिण भारत से भी जुड़ जाएगा. इसके अलावा, नांदेड़ से हैदराबाद तक एक्सप्रेस वे के विस्तार का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिससे जालना का महत्व और बढ़ेगा. जालना, परतुर और मंठा तहसील के कुल 29 गांवों से होकर गुजरने वाले इस महामार्ग के लिए 618.98 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इसमें नदी, नाले, सड़क आदि सहित 35.81 हेक्टेयर सरकारी जमीन है, जबकि बाकी जमीन किसानों की है.

इस परियोजना से 686 समूहों के 1413 किसान प्रभावित होंगे, लेकिन उन्हें उनकी सहमति से ही मुआवजा दिया जाएगा. मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग में किसानों को दिए गए मुआवजे की दर से ही जालना-नांदेड एक्सप्रेस वे के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा। तत्कालीन नगर विकास मंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस एक्सप्रेसवे के लिए साढ़े छह हजार करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान किया था. मंत्रिमंडल की समिति से भी इसे मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इस परियोजना के निर्माण कार्य में अगले साल तेजी आएगी. राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भू-अधिग्रहण हेतु हुडको से 2140 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की मंजूरी वित्त विभाग ने दे दी है.

*भू-अधिग्रहण पर 3 हजार करोड़ का खर्च, मुआवजा वितरण शुरू

179.8 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 3 बाय 3 लेन होंगी और इसका निर्माण आरसीसी से किया जाएगा. इस मार्ग पर 7 बड़े पुल, रेलवे क्रॉसिंग के लिए 2 पुल, 8 इंटरचेंज और 18 अंडरपास होंगे. इसके लिए लगभग 2200 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर 3 हजार करोड़ रुपये तक का खर्च आएगा. मंठा तहसील के वाटूर और एदलापुर के किसानों को मुआवजे का वितरण शुरू हो गया है.

*इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित**
जालना तहसील के पानशेंद्रा, देवमूर्ती, गवली पोखरी, राममूर्ति, सिंधी कालेगाव, सावरगाव हडप, रामनगर, मौजपुरी, धांडेगाव, खोंडेपुरी, हिवडी, घोडेगाव, हस्ते पिंपळगाव, शेवगा, परतुर तालुका के वामाडी, एदलापुर, वाटूर, पिंपरखेड तर्फे गरड और मंठा तालुका के वाई, केपली, आवलगाव, देवठाणा, गेवराई आदि गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

*विधानसभा चुनाव के कारण रुका था काम, अब होगी शुरुआत
दो महीने पहले ही इस काम के लिए निविदा जारी कर कार्यारंभ आदेश भी जारी किए जा चुके हैं. लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण पूरा प्रशासनिक तंत्र चुनाव में व्यस्त था, जिससे प्रभावित किसानों की जमीन का मापन और मुआवजा देने की प्रक्रिया जालना और परतुर उपविभागीय अधिकारी कार्यालय ने आचार संहिता के कारण रोक दी थी. अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं और जल्द ही सरकार भी गठित होगी. ऐसे में नए सरकार के हाथों ही इस काम का शुभारंभ हो सकता है, ऐसा एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया.

*सरकार से प्राथमिकता की उम्मीद
जालना, परभणी और नांदेड़ तीनों जिलों के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग को पूरा करने के लिए नई सरकार भी प्राथमिकता देगी. इसके अलावा, जालना के विधायक अर्जुन खोतकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी माने जाते हैं, इसलिए वे भी इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रयास करेंगे.


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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