जालना में ‘डिजिटल शिवचरित्र जागरण’: कंप्यूटर आधारित ऐतिहासिक प्रश्नोत्तरी के विजेताओं का सम्मान
जालना (प्रतिनिधि):
जालना में पारंपरिक इतिहास को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की अनूठी पहल करते हुए सक्षम संस्था की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित कंप्यूटर आधारित ऐतिहासिक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं का पुरस्कार वितरण समारोह शनिवार, 14 मार्च को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
यह प्रतियोगिता 19 फरवरी को शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता को विशेष रूप से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (Computer Based Test) के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने डिजिटल माध्यम से इतिहास से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें तकनीक के सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करना था।
छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और कार्यों के बारे में अधिक जानकारी यहां पढ़ी जा सकती है:
https://www.britannica.com/biography/Shivaji
कंप्यूटर के माध्यम से हुई ऐतिहासिक प्रश्नोत्तरी
डिजिटल युग में विद्यार्थियों की तकनीक के प्रति बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए सक्षम संस्था ने यह प्रतियोगिता पूरी तरह कंप्यूटर आधारित प्रणाली पर आयोजित की। प्रतियोगिता में कुल 88 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों से छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य की स्थापना, किलों का इतिहास तथा गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा) से संबंधित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने कंप्यूटर पर बैठकर निर्धारित समय में इन प्रश्नों के उत्तर दिए।
इस अभिनव प्रयोग के माध्यम से विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता और तकनीकी समझ भी विकसित होती दिखाई दी।
भारत के ऐतिहासिक किलों और मराठा इतिहास के बारे में अधिक जानकारी के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की वेबसाइट भी देखी जा सकती है:
https://asi.nic.in
प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला सम्मान
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
- प्रथम स्थान: कक्षा 6 के छात्र अभिषेक संदीप मोहिते – ₹1000 नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र
- द्वितीय स्थान: कक्षा 8 के छात्र आदर्श ज्ञानेश्वर घणघाव – ₹700 नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र
- तृतीय स्थान: महाविद्यालयीन छात्र संकेत रामेश्वर चाटे – ₹500 नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र
तकनीक के माध्यम से इतिहास से जुड़ने की पहल
पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान बोलते हुए कल्याण दाभाडकर ने कहा कि आज के समय में बच्चे मोबाइल और डिजिटल माध्यमों पर काफी समय बिताते हैं, लेकिन उस समय का उपयोग ज्ञान प्राप्त करने के लिए कम किया जाता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को महापुरुषों के बारे में जानकारी केवल तस्वीरों या पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उन्हें इतिहास को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, ताकि विद्यार्थियों में इतिहास के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी विकसित हो सके।
‘ज्ञानोत्सव’ के माध्यम से महापुरुषों के विचारों का प्रसार
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए नारायण दाभाडकर ने बताया कि सक्षम संस्था पिछले पांच वर्षों से महापुरुषों के जीवन और कार्यों पर आधारित ‘ज्ञानोत्सव’ का आयोजन कर रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को महान व्यक्तित्वों के इतिहास, विचारों और आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति जागरूकता, प्रेरणा और राष्ट्रभावना को मजबूत करते हैं।
विद्यार्थियों को दी गई शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में सक्षम संस्था की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी गई। साथ ही विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करते हुए इतिहास और संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

डिजिटल शिवचरित्र प्रतियोगिता जालना
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