शीर्षक: जालना में ईद-उल-फित्र पर अमन और भाईचारे का संदेश, नफरत के खिलाफ एकजुटता की अपील
जालना शहर में ईद-उल-फित्र का त्योहार इस बार पूरे उत्साह, शांति और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ से पहले लोगों को आपसी सौहार्द बनाए रखने, जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
धार्मिक नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में समाज को एकजुट रहने की जरूरत है और किसी भी तरह की नफरत से दूर रहकर इंसानियत के साथ खड़ा रहना चाहिए। इस दौरान मुस्लिम समाज की ओर से अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चिंता व्यक्त की गई और अमेरिका व इज़राइल की कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया गया। अधिक जानकारी के लिए पाठक United Nations की आधिकारिक वेबसाइट https://www.un.org पर वैश्विक शांति प्रयासों के बारे में पढ़ सकते हैं।
सदर बाजार ईदगाह में दिया गया सब्र और समझदारी का संदेश
नया जालना स्थित सदर बाजार ईदगाह में काज़ी नूरुद्दीन ने ईद की नमाज़ अदा कराई। इस अवसर पर मुफ्ती फहीम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर चुनौतियों से भरा है, लेकिन ऐसे समय में घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश की तरक्की और एकता में मुस्लिम समाज का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आगे भी समाज को इसी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कदीम जालना में भी एकता पर जोर
कदीम जालना ईदगाह में हाफिज शब्बीर मौलाना ने नमाज़ पढ़ाई। इस मौके पर इकबाल पाशा ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ तत्व समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें रोकना बेहद जरूरी है।
उन्होंने प्रशासन से ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और लोगों से आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
गांधी नगर ईदगाह में अच्छे व्यवहार का संदेश
गांधी नगर स्थित ईदगाह रहमानिया में मुफ्ती फारुख ने नमाज़ अदा कराई। इस अवसर पर अकबर खान बने खान ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे बड़ा जवाब हमारा अच्छा व्यवहार और सच्चाई का रास्ता है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग अच्छे आचरण और ईमानदारी के साथ जीवन जीते हैं, तो नफरत फैलाने वाली ताकतों को अपने आप जवाब मिल जाएगा।
इस आयोजन को सफल बनाने में समाजसेवक अमजद खान, फहीम शेख, हाजी मुनीर, शेख सलीम, राजा, कलीम और अफसर सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नमाज़ के बाद दिखा खुशी और भाईचारे का माहौल
ईद की नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तानों में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने परिजनों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी और फूल अर्पित किए। पूरे शहर में इस दौरान शांति, एकता और भाईचारे का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
कदीम जालना में ईद के अवसर पर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर सांसद कल्याण काले, पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, महापौर वंदना मगरे, उपमहापौर राजेश राऊत, शाहा आलम खान, तैय्यब बापू देशमुख, आमेर पाशा, अब्दुल मुजीब, अयूब खान, बदर चाऊस, फिरोज अली, गुफरान मौलाना और ईसा खान सहित कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
इंसानियत और एकता का संदेश
ईद-उल-फित्र के इस पावन अवसर पर जालना से पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश गया कि समाज को नफरत से दूर रखकर आपसी प्रेम, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना ही समय की सबसे बड़ी जरूरत है।





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