जालना में इफ्तार पार्टी के जरिए भाईचारे का संदेश, मराठा महासंघ और क्रांति मोर्चा का संयुक्त आयोजन
जालना, (संवाददाता):
पवित्र रमजान माह के अवसर पर जालना शहर में मराठा महासंघ और मराठा क्रांति मोर्चा द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी ने सामाजिक एकता, सौहार्द और भाईचारे का सशक्त संदेश दिया। यह आयोजन मंगलवार (17 मार्च) की शाम गांधी चमन परिसर में हुआ, जहां विभिन्न समाजों के लोग एक साथ जुटे और आपसी सद्भाव का परिचय दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि जालना जैसे शहरों में सामाजिक एकता की परंपरा आज भी मजबूत है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ, सहयोग और विश्वास को और अधिक मजबूत करना था।
🌙 रमजान और रोजे का महत्व बताया
इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती फईम ने अपने संबोधन में रमजान और रोजे की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मशुद्धि का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि रमजान का महीना इंसान को अपने व्यवहार में सुधार करने, बुरे विचारों से दूर रहने और ईश्वर के प्रति जवाबदेही का एहसास कराने का अवसर देता है। रोजे के जरिए व्यक्ति अपने मन और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना सीखता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित होता है।
🤝 सामाजिक सौहार्द का बना उदाहरण
इफ्तार कार्यक्रम में मौलाना रऊफ, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता इकबाल पाशा, नवाब डांगे, शेख मेहबूब, व्यापारी महासंघ के जिलाध्यक्ष विनीत साहनी, जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष शेख मुजीब, मराठा महासंघ के पदाधिकारी अरविंद देशमुख और मराठा क्रांति मोर्चा के किशोर मरकड सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
वरिष्ठ नेता इकबाल पाशा ने अपने विचार रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही हिंसा की घटनाओं की निंदा की और शांति व मानवता का संदेश दिया। वहीं शेख मुजीब ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित सर्वधर्म समभाव की परंपरा को आज के समय में आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है।
🕌 आपसी सहयोग की परंपरा को किया याद
मराठा महासंघ के अरविंद देशमुख ने अपने संबोधन में कहा कि मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान मुस्लिम समाज ने मस्जिदों के दरवाजे खोलकर सहयोग किया था, जो सामाजिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की मूल भावना है और समाज में एकता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
🌿 रमजान से मिलती है धैर्य और सहनशीलता की सीख
उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी ने कहा कि रमजान का महीना आत्मसंयम, धैर्य और सहनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए सभी नागरिकों से रमजान और ईद का त्योहार शांति, प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
🎤 आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन अशोक पडूल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन किशोर मरकड ने व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, अधिवक्ता और मराठा व मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
✨ एकता और भाईचारे का मजबूत संदेश
इस इफ्तार पार्टी के माध्यम से जालना शहर में सामाजिक एकता, आपसी सम्मान और भाईचारे का जो संदेश दिया गया, वह निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजन विभिन्न समुदायों के बीच दूरी कम करने और एकजुटता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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