📰 जालना में गणगौर महोत्सव की धूम: राजस्थान से आई मनमोहक मूर्तियां बनीं श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र
जालना | संवाददाता
जालना शहर में इन दिनों राजस्थानी संस्कृति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। अखंड सौभाग्य और समृद्धि के प्रतीक गणगौर महोत्सव का उत्साह चरम पर है। होली के दूसरे दिन से प्रारंभ हुआ यह पारंपरिक उत्सव अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां विशेष चार दिवसीय कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं में और अधिक उत्साह भर दिया है।
इस वर्ष महोत्सव का मुख्य आकर्षण राजस्थान से विशेष रूप से तैयार करवाई गई गणगौर माता की नई मूर्तियां हैं, जो अपनी बारीक कारीगरी और आकर्षक स्वरूप के कारण लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।
🎨 राजस्थानी शिल्पकला का जीवंत प्रदर्शन
गणगौर महोत्सव समिति, जालना के तत्वावधान में आयोजित यह उत्सव इस वर्ष पहले से अधिक भव्य और आकर्षक रूप में सामने आया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी शहर के दो प्रमुख स्थलों से गणगौर की सुसज्जित झांकियां सजाई गई हैं—
- अग्रवाल पंचायती भवन, कादराबाद
- गोर वाड़ा, नाथबाबा गली
विशेष रूप से गोर वाड़ा स्थित गणगौर की मूर्तियां राजस्थान के कुशल शिल्पकारों द्वारा तैयार करवाई गई हैं, जिनकी पारंपरिक शैली और उत्कृष्ट कलाकारी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।
👉 गणगौर पर्व के महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ें:
https://www.britannica.com/topic/Gangaur
🙏 दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
महोत्सव के अंतिम चार दिनों को विशेष महत्व दिया गया है। शनिवार, 21 मार्च से गणगौर माता के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खुले कर दिए गए हैं।
दर्शन स्थल: लक्ष्मी नारायण ऑयल मिल, अमित होटल के पास, जालना
समय: प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
समापन: मंगलवार, 24 मार्च
इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणगौर माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
🎶 परंपरा, भक्ति और संस्कृति का संगम
गणगौर महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति का जीवंत उत्सव भी है। इस दौरान पारंपरिक लोकगीत, पूजा-विधि और रीति-रिवाजों के माध्यम से संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
विशेष रूप से महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गणगौर माता की पूजा कर लोकगीत गाते हुए उत्सव को और भी जीवंत बना रही हैं।
👉 भारतीय पारंपरिक त्योहारों के बारे में अधिक जानकारी:
https://indiaculture.gov.in
📢 समिति की अपील
गणगौर महोत्सव समिति की ओर से शहरवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनें और परंपरा को आगे बढ़ाएं।
🌸 सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना उत्सव
राजस्थान से आई विशेष मूर्तियों के साथ इस वर्ष का गणगौर महोत्सव जालना में एक नई पहचान बना रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक एकता, परंपरा और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बनकर उभर रहा है।

गणगौर महोत्सव जालना
