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बच्ची की कुत्तों के हमले में मौत: एडवोकेट महेश धन्नावत ने महानगरपालिका को भेजी कानूनी नोटिस | Jalna News

बच्ची की कुत्तों के हमले में मौत: एडवोकेट महेश धन्नावत ने महानगरपालिका को भेजी कानूनी नोटिस — 50 लाख मुआवजे और न्यायिक जांच की मांग

जालना: शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी के चलते एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. हाल ही में जालना शहर में एक चार वर्षीय मासूम बच्ची की आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में मौत हो गई. इस घटना के बाद अधिवक्ता महेश धन्नावत ने जालना महानगरपालिका को कानूनी नोटिस जारी की है, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा देने और शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।

एडवोकेट धन्नावत ने अपनी नोटिस में जालना शहर की भयावह स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन की लापरवाही के कारण नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना से पहले भी इसी प्रकार की एक घटना में छह वर्षीय बच्ची की जान जा चुकी है, लेकिन महानगरपालिका ने तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके अनुसार, यह न केवल नगर प्रशासन की विफलता है, बल्कि नागरिकों के जीवन और सुरक्षा के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन भी है।

धन्नावत ने आगे कहा कि महानगरपालिका द्वारा चलाया जा रहा कुत्ता नसबंदी कार्यक्रम पूर्णतः अप्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद न तो कुत्तों की संख्या नियंत्रित हुई और न ही उनके हमलों में कमी आई। उन्होंने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि हाल ही में महानगरपालिका आयुक्त संतोष खांडेकर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने मांग की कि इस योजना की वित्तीय और प्रशासनिक जांच उच्च न्यायालय की स्वतंत्र समिति से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

धन्नावत ने यह भी कहा कि शहर के कई इलाकों में बिना अनुमति के खुले मांस विक्रय केंद्र चल रहे हैं। इन दुकानों के आसपास फेंके गए मांस और गंदगी के कारण आवारा कुत्तों के झुंड एकत्र होते हैं और लोगों पर हमला करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगरपालिका प्रशासन इन दुकानों पर कार्रवाई करने से बच रहा है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है।

अपनी नोटिस में धन्नावत ने कई कानूनी प्रावधानों और न्यायिक उदाहरणों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को सुरक्षित जीवन का अधिकार प्राप्त है, और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर प्रशासन का कानूनी कर्तव्य है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम में भी नगर स्वास्थ्य और जनसुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी महानगरपालिका पर डाली गई है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 289 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही से जानवरों के कारण मानव जीवन को खतरा होता है, तो यह एक दंडनीय अपराध है। इसके अलावा, उन्होंने पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ता) नियम, 2001 और अन्न सुरक्षा व मानक अधिनियम, 2006 का हवाला देते हुए कहा कि महानगरपालिका इन नियमों के पालन में असफल रही है।

धन्नावत ने मुंबई उच्च न्यायालय के “मारुति हाले बनाम सांगली-मिरज-कुपवाड महानगरपालिका” प्रकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि उस मामले में भी एक बच्चे की मौत आवारा कुत्तों के हमले में हुई थी, जिसके बाद अदालत ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर जालना के पीड़ित परिवार को भी तत्काल मुआवजा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अपनी नोटिस में चार प्रमुख मांगें रखी हैं —

  • मृत बच्ची के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
  • शहर में आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
  • कुत्ता नसबंदी कार्यक्रम की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  • सभी अनधिकृत मांस दुकानों को तुरंत बंद किया जाए तथा स्वच्छता नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

एडवोकेट धन्नावत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

इस पूरी घटना ने न केवल जालना शहर के नागरिकों में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। अब देखना यह है कि जालना महानगरपालिका और राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में कितनी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कदम उठाती है।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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