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जालना में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को बड़ा झटका — 1.16 करोड़ की निधि तकनीकी गड़बड़ी के कारण लौटी

जालना में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को बड़ा झटका — 1.16 करोड़ की निधि तकनीकी गड़बड़ी के कारण लौटी

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जालना : जालना जिले के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। धार्मिक अल्पसंख्यक संस्थान योजना अंतर्गत 1.16 करोड़ रुपये की निधि तकनीकी गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते बिना उपयोग के शासन को वापस लौट गई है।

क्या था निधि का उद्देश्य?

यह फंड प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के निजी एवं अनुदान रहित शिक्षण संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए था। लेकिन तकनीकी समस्याओं और पोर्टल में गड़बड़ी के कारण यह निधि उपयोग नहीं हो सकी।

26 में से 19 प्रस्ताव स्वीकृत — फिर भी फंड अटका

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जालना जिला प्रशासन ने 26 प्रस्तावों में से 19 प्रस्ताव स्वीकृत किए। फिर भी 14 संस्थाओं के लिए स्वीकृत 1,16,28,776 रुपये की निधि पोर्टल की खराबी के कारण वितरित नहीं हो सकी।

जिला नियोजन विभाग की लापरवाही से संस्थाओं में आक्रोश

31 मार्च 2025 तक निधि वितरण न हो पाने के कारण यह फंड शासन को वापस करना पड़ा। इससे अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रबंधन में गहरा आक्रोश है।

जिलाधिकारी का शासन को पत्र

जालना के जिलाधिकारी ने अल्पसंख्यक कार्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर पुनः निधि जारी करने की मांग की है। साथ ही शेष 5 प्रस्तावों के लिए भी निधि जारी करने का अनुरोध किया गया है।

संस्थाओं की नाराजगी — सरकार से कार्रवाई की मांग

संस्थाओं ने इसे केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि अल्पसंख्यक शिक्षा के प्रति सरकार की उदासीनता बताया है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले में कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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Imran Siddiqui

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