NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पहले ही सवालों के घेरे में है। अब परीक्षा से ठीक एक दिन पहले एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है। नागपुर के एक छात्र को गलती से भारत की बजाय अबू धाबी का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।
एक ईमेल ने बढ़ा दी परिवार की परेशानी
नागपुर निवासी NEET अभ्यर्थी अब्दुल्लाह उस समय हैरान रह गया जब उसे री-एग्जाम के लिए जारी एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी (UAE) दिखाई दिया। छात्र और उसके परिवार को पहले लगा कि शायद कोई तकनीकी समस्या होगी, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद पता चला कि केंद्र वास्तव में विदेश में आवंटित किया गया है।
परीक्षा में केवल एक दिन शेष होने के कारण परिवार की चिंता बढ़ गई।
छात्र ने नहीं चुना था विदेशी केंद्र
जानकारी के अनुसार, अब्दुल्लाह ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान नागपुर और वर्धा जैसे स्थानीय परीक्षा केंद्रों को प्राथमिकता दी थी। पहली बार आयोजित परीक्षा में भी उसे नागपुर में ही केंद्र मिला था।
इसके बावजूद री-एग्जाम के लिए सीधे अबू धाबी केंद्र आवंटित कर दिया गया। ऐसे में 24 घंटे के भीतर पासपोर्ट, वीजा और यात्रा की व्यवस्था करना लगभग असंभव है।
NTA की तकनीकी गलती पर उठे सवाल
इस घटना ने NTA की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब एजेंसी पहले से ही NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और री-एग्जाम को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की त्रुटियां छात्रों के मानसिक तनाव को और बढ़ाती हैं, जो पहले ही परीक्षा संबंधी अनिश्चितताओं से गुजर रहे हैं।
हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत
मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने NTA हेल्पलाइन से संपर्क किया। प्रारंभिक स्तर पर एजेंसी के अधिकारियों ने तकनीकी त्रुटि की संभावना स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र बदलने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि परीक्षा नजदीक होने के कारण समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
WhatsApp के जरिए मिलेगी परीक्षा संबंधी जानकारी
इस बीच NTA ने घोषणा की है कि NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं उसके आधिकारिक WhatsApp चैनल के माध्यम से भी भेजी जाएंगी।
एजेंसी का दावा है कि इससे छात्रों तक जरूरी जानकारी सीधे पहुंचेगी और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।
एक गलती, कई बड़े सवाल
नागपुर के छात्र का मामला केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि परीक्षा प्रबंधन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। लाखों छात्र अपने भविष्य की उम्मीदों के साथ NEET जैसी परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र आवंटन जैसी बुनियादी प्रक्रिया में हुई छोटी सी चूक भी किसी छात्र के करियर पर बड़ा असर डाल सकती है। अब सभी की निगाहें NTA पर हैं कि वह इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से करती है।
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