केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE की 12वीं कक्षा की परीक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। कुछ छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर अदालत का रुख किया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिले हैं और कुछ मामलों में विषयवार अंकन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इस मामले ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इन अंकों का सीधा असर उच्च शिक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं पर पड़ता है।
पोर्टल लंबे समय तक खुला रखने की उठी मांग
याचिका में मुख्य रूप से CBSE के उस पोर्टल को अधिक समय तक खुला रखने की मांग की गई है जिसके माध्यम से छात्र अपने अंकों के सत्यापन और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच से संबंधित आवेदन कर सकते हैं। छात्रों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा काफी कम थी जिसके कारण अनेक विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सके। उनका तर्क है कि तकनीकी समस्याओं और जानकारी की कमी के चलते कई छात्र इस प्रक्रिया से वंचित रह गए। इसलिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए ताकि सभी प्रभावित छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
परीक्षा परिणामों में किसी भी प्रकार की त्रुटि छात्रों के भविष्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। कई छात्र कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं और ऐसे समय में अंक संबंधी विवाद उनके लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें प्रवेश प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने अदालत से जल्द सुनवाई और आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। अदालत यदि छात्रों की मांगों को उचित मानती है तो CBSE को पोर्टल की समय सीमा बढ़ाने या अन्य राहत देने के निर्देश दिए जा सकते हैं। दूसरी ओर CBSE की ओर से भी इस मामले में अपना पक्ष रखा जाएगा। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि न्यायालय का फैसला उनके हितों को ध्यान में रखते हुए आएगा और जिन विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी शिकायतें हैं उन्हें उचित अवसर मिल सकेगा।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.









































































































Leave a Reply