NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि 3 मई को परीक्षा आयोजित हुई थी और 7 मई को कुछ गेस पेपर में समानता सामने आने के बाद जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले कि गेस पेपर के जरिए प्रश्न पत्र लीक किया गया। इसके बाद सरकार ने तेजी से कदम उठाते हुए जांच एजेंसियों को मामले की जिम्मेदारी सौंपी और राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। 12 मई को परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इस बार पूरी तरह जीरो टॉलरेंस नीति के साथ परीक्षा कराना है। धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से छात्रों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जांच का जिम्मा अब सीबीआई को सौंप दिया गया है ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच हो सके।
छात्रों पर नहीं पड़ेगा आर्थिक बोझ, सरकार का बड़ा फैसला
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ न पड़े, यह सरकार की जिम्मेदारी है। एनटीए हर साल करीब एक करोड़ छात्रों की परीक्षा आयोजित करता है और इस बार भी छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने का एक सप्ताह का समय दिया जाएगा ताकि उन्हें सुविधा मिल सके। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परीक्षा में समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित होगी और सभी एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। सरकार मौसम और आवागमन जैसी समस्याओं को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित किया जा सकता है। राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों के बावजूद हुई चूक को स्वीकार करते हुए सरकार ने सुधार का भरोसा दिया है।
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