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MBBS के पहले साल में चार से ज्यादा मौके नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

News thumbnail: Hindi text about MBBS first year chances, Bombay High Court decision, with medical books and stethoscope in a collage.

मुंबई | प्रतिनिधि

हर विषय के लिए अलग-अलग चार अटेम्प्ट का दावा नहीं चलेगा

MBBS छात्रों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि First Year MBBS की परीक्षा पास करने के लिए छात्र को अधिकतम चार प्रयास ही मिल सकते हैं। यह सीमा अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग नहीं है, बल्कि पूरे प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम पर लागू होती है।

अदालत ने कहा कि यदि किसी छात्र ने किसी एक विषय की परीक्षा चार से कम बार दी है, तो केवल इस आधार पर उसे अतिरिक्त अवसर का अधिकार नहीं मिल जाता। प्रथम वर्ष MBBS के लिए निर्धारित चार प्रयास पूरे होने के बाद छात्र पांचवें प्रयास की मांग नहीं कर सकता।

यह फैसला 31 अगस्त 2026 को Aarya Avinash Patil बनाम Maharashtra University of Health Sciences, Nashik एवं अन्य मामले में सुनाया गया।

छात्रा ने मांगा था Anatomy परीक्षा का एक और मौका

मामले में याचिकाकर्ता ने अगस्त 2023 में First Year MBBS में प्रवेश लिया था। वह प्रथम वर्ष की परीक्षा प्रक्रिया में कुछ विषयों में शामिल हुई थी। आवश्यक आंतरिक मूल्यांकन पूरा नहीं होने के कारण वह Anatomy की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी थी।

बाद में छात्रा ने Anatomy विषय की परीक्षा के लिए तीन बार प्रयास किया। इसके बाद उसने एक और मौका देने की मांग की। छात्रा का तर्क था कि Anatomy में उसके केवल तीन प्रयास हुए हैं, इसलिए उसे चौथी बार इस विषय की परीक्षा देने की अनुमति मिलनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने खारिज किया तर्क

बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रा के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि Graduate Medical Education Regulations, 2023 के Regulation 21 के तहत First Year MBBS के लिए चार प्रयासों की कुल सीमा निर्धारित है।

अदालत के अनुसार, इन प्रयासों को प्रत्येक विषय के आधार पर अलग-अलग नहीं गिना जा सकता। प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्रयास पूरे First Year MBBS पाठ्यक्रम के संदर्भ में देखे जाएंगे।

पांचवें प्रयास का अधिकार नहीं

अदालत ने साफ किया कि यदि कोई छात्र First Year MBBS के चार प्रयास पूरे कर चुका है, तो किसी एक विषय में कम प्रयास होने का हवाला देकर पांचवें प्रयास की मांग नहीं की जा सकती।

इसी आधार पर अदालत ने छात्रा को Anatomy की एक और परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी।

MBBS छात्रों के लिए क्यों अहम है फैसला?

इस फैसले से First Year MBBS के छात्रों के लिए परीक्षा प्रयासों की सीमा को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टता सामने आई है। छात्रों को समझना होगा कि चार प्रयास पूरे होने के बाद किसी एक विषय में कम प्रयास होने के आधार पर अतिरिक्त अवसर नहीं मिलेगा।

इसलिए प्रथम वर्ष की परीक्षाओं में उपलब्ध अवसरों का इस्तेमाल छात्रों को सावधानीपूर्वक करना होगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध न्यायिक रिपोर्टों और मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। छात्रों को अपने मामले में लागू नियमों और विश्वविद्यालय के आधिकारिक निर्देशों की भी जांच करनी चाहिए।

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Imran Siddiqui

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