जालना जिले में 1530 सीटें उपलब्ध
जालना: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा पॉलिटेक्निक (डिप्लोमा इंजीनियरिंग) प्रवेश प्रक्रिया 20 मई से शुरू हो चुकी है। इस वर्ष प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल (MSBTE) ने नई ‘के-स्कीम’ (K-Scheme) लागू की है, जिसके तहत विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, उद्यमिता, जीवन कौशल और भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे आधुनिक विषयों की भी शिक्षा दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप कुशल बनाना और स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है।
छात्रों को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण
जालना जिला डिप्लोमा प्रवेश प्रक्रिया के जिला नोडल अधिकारी एवं शासकीय तंत्रनिकेतन अंबड के प्राचार्य बी.एस. पवार ने बताया कि नई के-स्कीम के तहत तैयार किया गया पाठ्यक्रम उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और रोजगारोन्मुखी कौशलों से जोड़ना आवश्यक है। यही कारण है कि इस बार पाठ्यक्रम में कई नए विषय शामिल किए गए हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अनिवार्य
पॉलिटेक्निक में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। छात्र आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं:
ऑनलाइन आवेदन के बाद विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे तथा निकटतम सुविधा केंद्र (FC Center) पर जाकर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
नई के-स्कीम में शामिल किए गए आधुनिक विषय
तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए पाठ्यक्रम में कई नए विषय जोड़े गए हैं।
योग और ध्यान
विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग और ध्यान को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
उद्यमिता विकास (Entrepreneurship Development)
इस विषय का उद्देश्य छात्रों को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इसके माध्यम से स्टार्टअप और व्यवसाय शुरू करने की बुनियादी जानकारी दी जाएगी।
भारतीय ज्ञान प्रणाली
भारत की वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक ज्ञान विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा।
जीवन कौशल (Life Skills)
व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास किया जाएगा।
AI और मशीन लर्निंग की पढ़ाई का अवसर
तकनीकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की बढ़ती मांग को देखते हुए शासकीय तंत्रनिकेतन अंबड में AI & ML (Artificial Intelligence and Machine Learning) का आधुनिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया है।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, सिविल, मैकेनिकल तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसी पारंपरिक शाखाओं के साथ-साथ केमिकल इंजीनियरिंग का विशेष पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI और मशीन लर्निंग आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
जालना जिले में 7 संस्थानों में 1530 सीटें
जालना जिले में कुल 7 पॉलिटेक्निक संस्थान संचालित हैं, जिनमें:
- 2 शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थान
- 5 निजी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय
शामिल हैं।
इन संस्थानों में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं की कुल 1530 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश प्रक्रिया मेरिट के आधार पर पूरी की जाएगी।
क्या है नई K-Scheme?
महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल द्वारा तैयार की गई K-Scheme पूरी तरह उद्योग आधारित शिक्षा मॉडल पर केंद्रित है।
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- तकनीकी कौशल का विकास
- प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा
- उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण
- रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना
- आधुनिक तकनीकों का समावेश
तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में कुल 6 सेमेस्टर होंगे और पूरा कोर्स 120 क्रेडिट्स का होगा।
डिप्लोमा के बाद सीधे इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में प्रवेश
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पूरा करने वाले विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग डिग्री पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष (Direct Second Year Engineering Admission) में सीधे प्रवेश का अवसर मिलता है।
इसके अलावा डिप्लोमा धारकों के लिए:
- सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर
- प्रतिष्ठित कंपनियों में तकनीकी पद
- स्वयं का उद्योग या स्टार्टअप शुरू करने की संभावना
- उच्च शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प
उपलब्ध रहते हैं।
विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील
प्राचार्य बी.एस. पवार ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने बताया कि सुविधा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन और काउंसलिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिससे वे अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही शाखा का चयन कर सकें।
