268 छात्रों को 34.70 लाख की ‘कलश सीड्स’ छात्रवृत्ति: योग्य विद्यार्थियों को संबल, समाज में विश्वास और विचार की नई दिशा
जालना: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने के उद्देश्य से जालना एजुकेशन फाउंडेशन और कलश सीड्स फाउंडेशन द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना लगातार नई मिसालें कायम कर रही है। रविवार, 7 दिसंबर को महाराजा अग्रसेन फाउंडेशन में आयोजित समारोह में 12 पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए 268 छात्रों को कुल 34 लाख 70 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अंजली धानोरकर उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील रायठठ्ठा (अध्यक्ष, जालना एजुकेशन फाउंडेशन) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में ‘एकलव्य इंडिया फाउंडेशन’ के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजू केंद्रे, तथा सामाजिक कार्यकर्ता शंकर भिल्ल उपस्थित थे। मंच पर कलश सीड्स के चेयरमैन सुरेशबाबू अग्रवाल, रेखादेवी अग्रवाल, संचालिका वर्षा अग्रवाल, फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रा. सुरेश लाहोटी और सचिव सुरेश कुलकर्णी की उपस्थिति रही।
“विश्वास प्रणाली ही सफलता का आधार” — अंजली धानोरकर
मुख्य वक्ता अंजली धानोरकर ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान करने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा— “इस छात्रवृत्ति से तैयार हो रही नई पीढ़ी समाज के विचार और विश्वास दोनों को नई ऊंचाई देगी। अपनी क्षमता पर भरोसा रखें और भविष्य में स्वयं भी किसी अन्य छात्र के लिए सहारा बनें।”
उन्होंने अपने प्रेरणादायक मार्गदर्शन में विश्वास प्रणाली (Belief System) के महत्व पर कहा— “‘मैं नहीं कर सकता’ जैसे विचार व्यक्ति की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। आज से ही ‘मैं कर सकता हूँ और अवश्य सफल होऊँगा’—यह भावना अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।”
“दुनिया भर में छात्रों के लिए अनगिनत अवसर” — राजू केंद्रे
‘एकलव्य इंडिया फाउंडेशन’ के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजू केंद्रे ने कहा कि आज भारत और दुनिया भर में छात्रों के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों, वंचित समुदायों और पहली पीढ़ी के विद्यार्थियों तक इन अवसरों को पहुँचाना समय की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि ‘एकलव्य’ और ‘केजीएफ’ जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को जानकारी, दिशा और प्रवेश मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। पिछले आठ वर्षों में लगभग 2,000–2,500 विद्यार्थी इन कार्यक्रमों के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं। इसके साथ ही ग्लोबल स्कॉलर्स प्रोग्राम, सत्यशोधक यूथ रिसोर्स सेंटर जैसे उपक्रम भी सक्रिय हैं।
“कलश फाउंडेशन ने राह आसान की” — सुनील रायठठ्ठा
जालना एजुकेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष सुनील रायठठ्ठा ने कहा कि संस्था पिछले चार वर्षों से जनसहभागिता के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना चला रही थी। उन्होंने कहा, “इस वर्ष कलश सीड्स फाउंडेशन द्वारा सम्पूर्ण दायित्व स्वीकारे जाने से हमारी राह और सरल हुई है। छात्रवृत्ति कोई दान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और परिश्रम की पहचान है। मेहनत करें, आगे बढ़ें और भविष्य में किसी अन्य छात्र का मार्गदर्शन करें।”
“हर बच्चे को अवसर देना हमारी जिम्मेदारी” — वर्षा अग्रवाल
कलश सीड्स फाउंडेशन की संचालिका वर्षा अग्रवाल ने कहा कि छात्रों को अवसर मिलते ही वे बड़े पेड़ों की तरह ऊँचाई प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “शिक्षा किसी का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार है। जब आप सफल होंगे, तब किसी और के सपनों को उड़ान देना भी आपकी जिम्मेदारी होगी।”
उन्होंने बताया कि कलश सीड्स उद्योग और समाज को एक-दूसरे का पूरक मानता है, और सामाजिक उत्तरदायित्व संगठन की मूल विचारधारा का अभिन्न हिस्सा है।
“छात्रवृत्ति का दायरा हर वर्ष बढ़ेगा” — प्रा. सुरेश लाहोटी
प्रा. सुरेश लाहोटी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में जालना एजुकेशन फाउंडेशन ने 1200 से अधिक छात्रों को लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस वर्ष जिन 268 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है, उनके कोर्स पूर्ण होने तक इसका नवीनीकरण किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कलश सीड्स द्वारा संपूर्ण दायित्व स्वीकारे जाने से यह योजना आने वाले वर्षों में और विस्तार लेगी।
कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ नागरिक, शिक्षा प्रेमी, विद्यार्थी तथा अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुलकर्णी ने किया और आभार सुनील रायठठ्ठा ने व्यक्त किया।




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