NewsNation Online

FireFly In News

पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्ति: संस्कृति और संरक्षण

पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्ती कार्यशाला: संस्कृति और प्रकृति का संगम

जालना: अनिल जिंदल वर्ल्ड स्कूल में रोटरी क्लब ऑफ जालना सेंट्रल द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यशाला में विद्यार्थियों को पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्तियां बनाने का अभ्यास कराया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और त्योहारों को प्रकृति के अनुकूल मनाने का संदेश देना था।

कार्यशाला में रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष सोनी और सचिव सचिन लोहिया की प्रमुख उपस्थिति रही। प्रसिद्ध कलाकार रविंद्र पांडुरंग जामदार, सिद्धि देवनाथ चित्राल, रामदास विष्णु खोजे और खुशालराव माणिकराव मुळे ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर गणेश मूर्तियां बनाने की विधियां सिखाईं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया।

डॉ. सोनी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कला का अभ्यास कराना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक और पर्यावरण संतुलन की भावना विकसित करना भी है। अनिल जिंदल वर्ल्ड स्कूल की प्राचार्या शिल्पा लोखंडे ने विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में पर्यावरण-जागरूक नागरिक तैयार करने में मददगार साबित होंगे।

कार्यशाला का समापन इस संदेश के साथ किया गया कि त्योहारों को जिम्मेदारी से मनाना और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस प्रकार, कार्यक्रम ने छात्रों में संस्कृति और प्रकृति के संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

A group of students and educators posing with a banner that reads'UNITE FOR GOOD' during an environmentally-friendly Ganesh idol-making workshop organized by the Rotary Club of Jalna Central at Anil Jindal World School.
Participants of the eco friendly Ganesh murti workshop at Anil Jindal World School hosted by Rotary Club of Jalna Central promoting environmental awareness among students

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
NewsNationOnline Team

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading