केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड Central Board of Secondary Education की 12वीं कक्षा के री-इवैल्यूएशन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए CBSE से तुरंत जवाब मांगा है और छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद बोर्ड पर दबाव और बढ़ गया है।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल बार-बार हो रहा क्रैश
12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद कई छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट होकर री-इवैल्यूएशन और कॉपी री-चेकिंग के लिए आवेदन कर रहे हैं। लेकिन देशभर से शिकायतें आ रही हैं कि CBSE का आधिकारिक पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है और ठीक से काम नहीं कर रहा। छात्र और अभिभावक लगातार इस तकनीकी समस्या से परेशान हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और समय सीमा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
दो चरणों में चल रही है पूरी प्रक्रिया
CBSE ने इस वर्ष 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में छात्रों को अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद दूसरे चरण में छात्र उत्तरों की जांच या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहला चरण पहले ही शुरू हो चुका है जबकि दूसरा चरण 26 मई से 29 मई के बीच आयोजित किया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है।
छात्रों की मांग और मंत्रालय की सख्त निगरानी
छात्रों का कहना है कि बार-बार पोर्टल बंद होने से उनका समय बर्बाद हो रहा है और आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई छात्रों ने मांग की है कि प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके। शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए CBSE को तत्काल तकनीकी सुधार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
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