देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए चिंता का विषय बना NEET UG 2026 पेपर लीक केस अब बड़े मोड़ पर पहुँच गया है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड और लातूर स्थित दयानंद विज्ञान कॉलेज के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार कुलकर्णी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की उस समिति का हिस्सा थे जिसने NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र तैयार किया था और उन्हीं प्रश्नों को निजी कोचिंग में चुनिंदा छात्रों को पहले से उपलब्ध करवाया गया।
क्या है पूरा मामला?
NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। परीक्षा के तुरंत बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र पहले से लीक होने की शिकायतें आईं। केमिस्ट्री के लीक प्रश्नों का मिलान वास्तविक पेपर से होने के बाद आरोप गहराते गए। 12 मई 2026 को NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और केंद्र सरकार ने मामले की जाँच CBI को सौंप दी। अब तक CBI ने जयपुर, गुरुग्राम, नाशिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जाँच एजेंसी अब आरोपियों के नेटवर्क और पैसे के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
कौन हैं प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी?
पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर शहर में दयानंद विज्ञान कॉलेज के केमिस्ट्री विभाग में लंबे समय से अध्यापन कर रहे थे। शैक्षणिक हलकों में उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा का अनुभवी विशेषज्ञ माना जाता था। CBI के अनुसार वे NTA की उस गोपनीय समिति में शामिल थे जो NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र तैयार करती है। आरोप है कि उन्होंने अपनी कोचिंग में कुछ छात्रों के एक सीमित बैच को परीक्षा से पहले इन्हीं प्रश्नों को ‘विशेष कक्षा’ के नाम पर डिक्टेट कराया। बताया जा रहा है कि इन कक्षाओं की फ़ीस कई लाख रुपये तक थी।
CBI को कैसे मिले सबूत?
CBI ने जब छात्रों के नोट्स ज़ब्त किए तो उनका मिलान वास्तविक NEET UG 2026 केमिस्ट्री पेपर से किया गया। दोनों के बीच भारी समानता दर्ज की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह मिलान ‘लगभग शत-प्रतिशत’ था जिससे साजिश की पुष्टि हुई। इसके बाद कुलकर्णी को हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू हुई। CBI अब यह भी जाँच कर रही है कि NTA के अंदर भी कोई इंसाइडर इस लीक में शामिल था या नहीं। पाँच आरोपियों की रिमांड के दौरान NTA के संभावित अधिकारियों की पहचान कराई जा रही है।
री-एग्ज़ाम कब होगा?
NTA ने आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया है कि NEET UG 2026 का पुनः आयोजन 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक होगा। पंजीकृत सभी अभ्यर्थियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के पुनः परीक्षा देने का मौक़ा मिलेगा। एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर अपडेट की जाएगी। NTA ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक चैनलों से सूचना प्राप्त करें।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंताएँ
लाखों छात्र पिछले एक वर्ष से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। परीक्षा रद्द होने और अब पुनः परीक्षा की घोषणा से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई है। कई मेडिकल कोचिंग संस्थानों ने छात्रों के लिए मुफ़्त मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और मॉक टेस्ट सीरीज शुरू की हैं। अभिभावक संगठनों ने मांग की है कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए और प्रश्नपत्र निर्माण से जुड़े सभी सदस्यों की सख़्त निगरानी की जाए। मनोचिकित्सकों के अनुसार छात्रों को इस समय परिवार और साथियों का सहयोग सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।
आगे क्या? सरकार का रुख़
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सरकार पेपर लीक के मामले में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति का पालन कर रही है। दोषियों के विरुद्ध सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) अधिनियम 2024 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी जिसमें दोषियों को 10 वर्ष तक की क़ैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। NTA अब परीक्षा प्रक्रिया को मज़बूत करने के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफ़ारिशों पर काम कर रहा है जिसमें सवालों का AI-आधारित रैंडमाइज़ेशन, मल्टी-लेयर सुरक्षा और पेपर सेटर्स की पृष्ठभूमि की पुनः जाँच जैसी सिफ़ारिशें शामिल हैं।
छात्रों के लिए ज़रूरी सुझाव
- आधिकारिक सूचनाएँ केवल neet.nta.nic.in और nta.ac.in से ही प्राप्त करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्ज़ी प्रश्नपत्रों पर भरोसा ना करें।
- री-एग्ज़ाम तक नियमित अध्ययन और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
- तनाव अधिक हो तो iCall (9152987821) जैसी नि:शुल्क काउंसलिंग हेल्पलाइन से संपर्क करें।
- NTA से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 011-40759000 पर सम्पर्क करें।
NEET UG 2026 का यह प्रकरण सिर्फ़ एक परीक्षा का मामला नहीं है—यह देश की सबसे संवेदनशील प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का परीक्षण भी है। CBI की त्वरित कार्रवाई और कुलकर्णी जैसे अंदरूनी आरोपी की गिरफ़्तारी से एक उम्मीद बँधी है कि व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा। फिलहाल देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों की निगाहें 21 जून की नई परीक्षा तिथि पर टिकी हैं और सरकार से उम्मीद है कि इस बार परीक्षा पारदर्शी और सुरक्षित तरीक़े से संपन्न होगी।
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