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16 दिन के आमरण अनशन के बाद दीपक बोऱ्हाडे का संघर्ष विराम, सरकार को दिया एक माह का अल्टीमेटम

16 दिन के आमरण अनशन के बाद दीपक बोऱ्हाडे का संघर्ष विराम, बोले – “लड़ाई और सरकार से संवाद जारी रहेगा”

जालना — धनगर समाज को संवैधानिक एसटी आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर 16 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे दीपक बोऱ्हाडे ने गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 (विजयादशमी) को अपना उपोषण समाप्त किया। उनकी बेटी अहिल्या ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

मुख्य बातें

  • अनशन अवधि: 16 दिन
  • मांग: धनगर समाज को संवैधानिक एसटी आरक्षण
  • निर्णय: संघर्ष विराम, पर सरकार से संवाद जारी
  • अगला कदम: एक माह तक सरकार के ठोस समाधान की प्रतीक्षा, चुनाव से पहले समाधान की अपेक्षा

“सरकार ने हमसे समय मांगा है। हमने 75 साल और फिर 16 दिन इंतजार किया, अब एक महीना और प्रतीक्षा करेंगे, लेकिन चुनाव से पहले सरकार को समाधान देना ही होगा। शरीर की कमजोरी दूर कर फिर से पूरी ताकत के साथ लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।”

— दीपक बोऱ्हाडे

अनशन स्थल पर माहौल

अनशन स्थल पर राज्यभर से आए समाजबंधु, उपोषणकर्ता और हितचिंतक मौजूद रहे। बोऱ्हाडे ने कहा कि उपोषण ने समाज को जागृत और एकजुट किया, किंतु राजनीतिक स्तर पर सामूहिक दबाव न बनने से निर्णायक विजय संभव नहीं हो सकी। उन्होंने अफसोस जताया कि “आरक्षण लागू होने का विजयोत्सव नहीं मना सके।”

“मर कर जीत हासिल नहीं की जा सकती, हमें जीते जी यह लड़ाई जीतनी है। अहिंसा और शांतिपूर्ण मार्ग से ही अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा।”

— दीपक बोऱ्हाडे

समाज का रोष और आगामी रणनीति

डॉ. यशपाल भिंगे और अन्य समाजबंधुओं ने सरकार पर कठोर आलोचना करते हुए कहा कि अब तक केवल कागजी आश्वासन मिले हैं और आत्महत्या/बलिदान देने वाले परिवारों की अनदेखी हुई है। उनका कहना था कि धनगर समाज को पहली बार अराजनीतिक व प्रामाणिक नेतृत्व मिला है, जिसने गांव-गांव तक आंदोलन की धग पहुंचाई है।

सभा में कई लोग भावुक हुए और कहा कि “सेनापति को जीवित रखना जरूरी है”, इसलिए उपोषण समाप्त करना उचित निर्णय था।

सरकार के नाम चेतावनी

अनशन समाप्त करते समय बोऱ्हाडे ने स्पष्ट संदेश दिया कि “धनगर समाज भोला है, पर हमारे पास तीसरा नेत्र भी है।” यदि विश्वासघात हुआ तो समाज कठोर कदम उठाने को मजबूर होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विश्वास कायम रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आंदोलन की गूंज दिल्ली, बिहार, कर्नाटक और यहां तक कि नेपाल तक पहुंच चुकी है। “आज सुबह दिल्ली से शामिल होने का निमंत्रण मिला है; जरुरत पड़ी तो दिल्ली कूच किया जाएगा।”

“चलो दिल्ली” का नारा

सभा में मौजूद समाजबंधुओं ने “चलो दिल्ली” का नारा बुलंद किया। डॉ. भिंगे ने कहा कि निर्णायक लड़ाई दिल्ली में ही लड़ी जाएगी और “प्रमाणपत्र नहीं तो मतदान नहीं” का संकल्प भी व्यक्त किया।

संघर्ष टाइमलाइन (संक्षेप)

घटना विवरण
आमरण अनशन धनगर समाज के एसटी आरक्षण हेतु 16 दिनों तक उपोषण
संघर्ष विराम 2 अक्टूबर 2025 (विजयादशमी) को बेटी अहिल्या ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया
अगला चरण सरकार को एक माह का समय; समाधान न हुआ तो व्यापक आंदोलन/दिल्ली कूच
दीपक बोऱ्हाडे के आंदोलन के प्रमुख पड़ाव

महत्वपूर्ण: समाचार का उद्देश्य घटनाक्रम की जानकारी देना है। प्रशासनिक/कानूनी निर्णय और आरक्षण से संबंधित नीतिगत बदलाव हेतु आधिकारिक अधिसूचनाएँ संदर्भ मानें।

संघर्ष विराम के बावजूद आंदोलन जारी रहने की घोषणा के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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