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खांडेकर की उलटी गिनती शुरू: जिलाधिकारी ने मंगाई सभी फाइलें, एम.पी. पवार आत्महत्या जांच की भी उठी मांग

खांडेकर की उलटी गिनती शुरू: जिलाधिकारी ने मंगाई सभी फाइलें, अब एम.पी. पवार आत्महत्या जांच की भी उठी मांग

जालना: महानगरपालिका के निलंबित आयुक्त संतोष खांडेकर, जिन्हें दस लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था, अब हर ओर से चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। अदालत से उन्हें जमानत मिलना मुश्किल होता जा रहा है, वहीं जिलाधिकारी अशीमा मित्तल ने उनके कार्यकाल की सभी प्रमुख फाइलें तलब कर जांच का फंदा और कस दिया है। शहर में चर्चा तेज है कि खांडेकर की “उलटी गिनती” शुरू हो चुकी है।

महापालिका के आयुक्त रहते हुए खांडेकर ने कई महत्वपूर्ण प्रकल्पों पर निर्णय लिए थे, लेकिन रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी के बाद से उनका हर कदम संदेह के घेरे में है। जहां सामान्यतः अधिकारी दो-तीन दिनों में जमानत पा लेते हैं, वहीं खांडेकर की जमानत पर सुनवाई अब चार नवंबर को तय की गई है, जिससे उनकी हिरासत की अवधि बढ़ गई है।

इस बीच, जिलाधिकारी अशीमा मित्तल ने खांडेकर के कार्यकाल में हुए कामों की समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने महापालिका से कई अहम फाइलें मंगवाई हैं — जिनमें सिटी पी प्लान, विसर्जन कुंड, महापालिका भवन की तीसरी मंज़िल का निर्माण कार्य, और सोलर प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन फाइलों से कई और गड़बड़ियाँ सामने आ सकती हैं।

ठेकेदार एम.पी. पवार आत्महत्या जांच की भी उठी मांग

गौरतलब है कि करीब तीन वर्ष पहले जालना के प्रसिद्ध ठेकेदार एम.पी. पवार ने आत्महत्या कर ली थी, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। एम.पी. पवार वे ठेकेदार थे जिन्होंने जालना शहर के विकास कार्यों में अपने निजी स्वार्थों को किनारे रखकर जनता के हित में काम किया था। मगर नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार, लंबित बिलों और अनियमित प्रक्रियाओं ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया था।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आयुक्त संतोष खांडेकर के कार्यकाल में एम.पी. पवार के बिल जानबूझकर रोके गए थे और उन्हें बार-बार परेशान किया गया, जिसके चलते वे तनाव में आकर आत्महत्या करने को विवश हुए। अब जब खांडेकर के भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं, नागरिकों ने एम.पी. पवार आत्महत्या प्रकरण की पुनः जांच की मांग उठाई है — ताकि सच सामने आ सके और न्याय हो सके।

अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकीं

जालना में फिलहाल माहौल गर्म है। सवाल यह है कि क्या जांच केवल खांडेकर तक सीमित रहेगी या फिर और नाम सामने आएंगे? जालनेकरों को उम्मीद है कि इस बार जिला प्रशासन निष्पक्षता से कार्रवाई करेगा, ताकि वर्षों से नगर विकास में बाधा बने भ्रष्टाचार का अंत हो सके।

— रिपोर्ट: न्यूज़नेशनऑनलाइन


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