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अमेरिका में चीन के AI चैटबॉट ‘DeepSeek’ पर प्रतिबंध: राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताएं

China’s AI chatbot ‘DeepSeek’ banned in the US: Concerns about national security rise

नई दिल्ली:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक में तेजी से हो रही प्रगति के बीच, चीन के AI चैटबॉट ‘DeepSeek AI’ को लेकर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी कांग्रेस ने सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए DeepSeek AI पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस प्रतिबंध के पीछे डेटा सुरक्षा, जासूसी और संभावित साइबर हमलों की आशंका प्रमुख कारण बताई जा रही है। अमेरिका ही नहीं, बल्कि कई अन्य देश भी इस AI मॉडल को लेकर सतर्क हो गए हैं।

क्या है DeepSeek AI?

DeepSeek AI चीन का एक अत्याधुनिक ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट है, जिसे DeepSeek Tech नामक कंपनी ने विकसित किया है। यह एआई चैटबॉट भाषा समझने, गणना करने, कोडिंग, डेटा विश्लेषण और कई अन्य कार्यों में सक्षम है। इसकी विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ताओं से सीखकर अत्यधिक प्रभावी उत्तर देने की क्षमता रखता है।

हाल ही में DeepSeek AI ने अमेरिका और यूरोप में बेहद लोकप्रियता हासिल की और यह ऐपल ऐप स्टोर व गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले AI एप्स में शामिल हो गया।

हालांकि, अमेरिकी सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को इसमें संभावित डेटा सुरक्षा खतरों की आशंका है, जिसके चलते इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।



अमेरिका ने क्यों लगाया DeepSeek AI पर प्रतिबंध?

1. राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि DeepSeek AI का इस्तेमाल डेटा चोरी और जासूसी के लिए किया जा सकता है। कई टेक विशेषज्ञों का कहना है कि यह चैटबॉट उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी एकत्र कर उसे चीन स्थित सर्वरों पर स्टोर कर सकता है। अमेरिका को आशंका है कि इस डेटा का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों और सरकारी अधिकारियों की संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए किया जा सकता है।

2. अमेरिकी सांसदों और अधिकारियों को सतर्क किया गया

अमेरिकी कांग्रेस ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को DeepSeek AI के इस्तेमाल से बचने की
सख्त हिदायत दी है।
नोटिस के अनुसार:

“DeepSeek AI और अन्य अनधिकृत AI चैटबॉट्स सरकारी डेटा को खतरे में डाल सकते हैं। अमेरिकी कर्मचारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने आधिकारिक कंप्यूटरों और स्मार्टफोन में इस AI टूल का उपयोग न करें।”



3. डेटा गोपनीयता उल्लंघन की आशंका

DeepSeek AI का सर्वर चीन में स्थित है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि चीनी सरकार इस AI चैटबॉट द्वारा एकत्र किए गए डेटा तक पहुंच सकती है।
अमेरिका का आरोप है कि चीन की सरकार अपने देश की कंपनियों को अनिवार्य रूप से डेटा साझा करने के लिए बाध्य कर सकती है, जिससे यह टूल संभावित रूप से संवेदनशील डेटा के
लिए खतरा बन सकता है।

4. चुनावों और मीडिया में हस्तक्षेप का डर

AI चैटबॉट्स का उपयोग फर्जी खबरें फैलाने और गलत जानकारी के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

“अगर DeepSeek AI का उपयोग गलत सूचना फैलाने के लिए किया जाता है, तो यह लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनावों के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है,”

अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी (CISA) की रिपोर्ट

अन्य देशों में भी DeepSeek AI पर प्रतिबंध!

  • DeepSeek AI केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी जांच के दायरे में है।
  • 1. इटली और आयरलैंड ने DeepSeek AI पर लगाया प्रतिबंध
  • इटली और आयरलैंड ने इस AI टूल को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है।
  • इन देशों की डेटा सुरक्षा एजेंसियां अब DeepSeek AI के गोपनीयता नीति की समीक्षा कर रही हैं।
  • यूरोपीय संघ (EU) भी इस AI मॉडल को GDPR कानूनों का उल्लंघन करने की आशंका के कारण जांच कर रहा है।
  • 2. भारत में भी बढ़ी सतर्कता
  • भारत सरकार के साइबर सुरक्षा विभाग (CERT-In) ने DeepSeek AI और इसी तरह के विदेशी AI मॉडल्स पर सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत इस चैटबॉट के उपयोग को सीमित करने पर विचार कर रहा है।



DeepSeek AI की प्रतिक्रिया

DeepSeek AI की मूल कंपनी DeepSeek Tech ने इस प्रतिबंध पर आपत्ति जताई है।

“हमारा AI चैटबॉट किसी भी प्रकार की जासूसी या अवैध डेटा संग्रह गतिविधियों में संलिप्त नहीं है। हमारा AI मॉडल पूरी तरह सुरक्षित है और उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता का सम्मान करता है।”

DeepSeek Tech के प्रवक्ता

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि AI मॉडल की ओपन-सोर्स प्रकृति के कारण इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता है।




AI चैटबॉट्स को लेकर दुनिया की बढ़ती चिंताएं

DeepSeek AI पर प्रतिबंध कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और संभावित खतरों को देखते हुए कई देशों ने इस पर कड़े नियम लागू किए हैं।

  • 1. अमेरिका ने पहले भी कई चीनी एप्स पर लगाया था प्रतिबंध
  • TikTok: डेटा सुरक्षा चिंताओं के चलते अमेरिका में सरकारी अधिकारियों के फोन से हटाने का आदेश दिया गया था।
  • Huawei: राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण अमेरिकी कंपनियों को Huawei से व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
  • 2. यूरोप भी सख्त नियम बना रहा है
  • यूरोपीय संघ ने AI अधिनियम (AI Act) के तहत सख्त नियम लागू किए हैं।
  • गोपनीयता उल्लंघन करने वाले AI चैटबॉट्स और टूल्स को यूरोपीय बाजार से प्रतिबंधित किया जा सकता है।



क्या भविष्य में AI चैटबॉट्स पर और कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं?

AI तकनीक में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए अमेरिका और अन्य देश AI नियमन को और सख्त करने की योजना बना रहे हैं।

AI कंपनियों को डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देनी होगी।

संभावना है कि भविष्य में और AI चैटबॉट्स पर प्रतिबंध लग सकते हैं।





निष्कर्ष

अमेरिका द्वारा DeepSeek AI पर प्रतिबंध लगाना AI सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

DeepSeek AI को अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

अमेरिकी सांसदों और अधिकारियों को इस चैटबॉट से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अन्य देश भी इस पर प्रतिबंध लगाने या इसकी समीक्षा करने पर विचार कर रहे हैं।


AI तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच, यह प्रतिबंध एक बड़ा संकेत है कि आने वाले समय में AI चैटबॉट्स और डेटा प्राइवेसी को लेकर और सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं।


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Imran Siddiqui

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