ट्रंप की टैरिफ नीति से भारत रूस-चीन के करीब? बोल्टन ने दी चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर 50% टैरिफ लगाने के निर्णय को बड़ी रणनीतिक गलती बताया है। बोल्टन के मुताबिक, इस फैसले से भारत वॉशिंगटन से दूर होकर बीजिंग और मॉस्को जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के करीब जा सकता है।
बोल्टन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जब ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ लगाया, लेकिन चीन को छूट दी—जो रूस से भारत की तुलना में काफी ज्यादा तेल खरीदता है—तो भारत बेहद नाराज़ हो गया और खुद को असमान व्यवहार का शिकार महसूस करता है।”
सीएनएन से बातचीत में बोल्टन ने स्पष्ट रूप से कहा, “भारत इस भेदभावपूर्ण निर्णय से बेहद आक्रोशित है। यह कदम वॉशिंगटन के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है, क्योंकि इससे भारत रूस-चीन के साथ साझेदारी करने को मजबूर हो सकता है।”
राजनयिक समीकरणों में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे इस साल रूस के राष्ट्रपति पुतिन को नई दिल्ली बुलाया है। अगस्त के अंत में वह शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के लिए चीन भी जाने वाले हैं, जहां उनकी पिछली यात्रा 2018 में हुई थी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए ट्रुथ सोशल पर कहा, “भारत रूस से तेल खरीदकर उसे मुनाफे के साथ बेचकर यूक्रेन युद्ध को लंबे समय तक चलाने में मदद कर रहा है।”
बोल्टन ने चेताया कि यह रणनीति अमेरिका की दशकों पुरानी कोशिशों को कमजोर कर सकती है, जिनका उद्देश्य भारत को रूस-चीन धुरी से दूर करना था। अब संभावना है कि भारत, चीन और रूस अमेरिका के खिलाफ सामूहिक रणनीति बना लें।

