अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वाली कंगना रनौत ने इस बार एक ऐसे विषय पर चर्चा छेड़ दी है, जिस पर आमतौर पर कम बात होती है। उन्होंने नर्सों की यूनिफॉर्म को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में आज भी इसका डिजाइन काफी हद तक ब्रिटिश दौर से प्रभावित नजर आता है।
फिल्म से जुड़ा अनुभव बना चर्चा का कारण
इन दिनों कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह एक स्टाफ नर्स की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने नर्सों के पेशे, उनकी जिम्मेदारियों और यूनिफॉर्म से जुड़े अपने विचार साझा किए।
ड्रेस कोड पर क्या बोलीं कंगना?
कंगना का मानना है कि डॉक्टरों को अपने परिधान में कुछ विकल्प मिल जाते हैं, लेकिन नर्सों की यूनिफॉर्म दशकों से लगभग एक जैसी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा ड्रेस कोड में आज भी विदेशी प्रभाव दिखाई देता है और यह भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप पूरी तरह नहीं लगता।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और यूनिफॉर्म का असली महत्व उसके डिजाइन से अधिक उससे जुड़ी जिम्मेदारी में होता है।
सेवा और कर्तव्य सबसे ऊपर
कंगना ने कहा कि किसी भी यूनिफॉर्म की पहचान उसके रंग या शैली से नहीं, बल्कि उसे पहनने वाले व्यक्ति के समर्पण और सेवा भाव से होती है। उनके अनुसार, नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनका योगदान किसी भी अस्पताल की रीढ़ माना जाता है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यूनिफॉर्म का मुख्य उद्देश्य सुविधा, स्वच्छता और पेशेवर पहचान बनाए रखना है।
12 जून को रिलीज होगी फिल्म
कंगना की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म उन स्वास्थ्यकर्मियों की कहानी को सामने लाती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं।
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