महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: 16 स्थानीय स्वराज्य संस्था सीटों पर चुनाव का बिगुल, 18 जून को मतदान
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की 16 स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। संबंधित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा इन सीटों से जुड़ी हुई है। खासतौर पर औरंगाबाद-जालना, पुणे, नाशिक, ठाणे और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग जैसे क्षेत्रों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
किन-किन सीटों पर होंगे चुनाव
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जिन 16 स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उनमें शामिल हैं:
- सोलापुर
- अहमदनगर
- ठाणे
- जळगांव
- सांगली-सातारा
- नांदेड़
- यवतमाल
- पुणे
- भंडारा-गोंदिया
- रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
- नाशिक
- वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली
- अमरावती
- उस्मानाबाद-लातूर-बीड
- परभणी-हिंगोली
- औरंगाबाद-जालना
इन सभी क्षेत्रों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जिसके चलते चुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
पहले क्यों नहीं हो सके थे चुनाव
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए दो प्रमुख शर्तें अनिवार्य होती हैं:
- कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय स्वराज्य संस्थाएं कार्यरत होनी चाहिए।
- कम से कम 75 प्रतिशत मतदाता सूची अस्तित्व में होनी चाहिए।
इन्हीं मानकों के पूरे नहीं होने की वजह से पहले इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव नहीं हो सके थे। हालांकि अब महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयोग को सूचित किया कि सभी आवश्यक शर्तें पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया।
चुनाव कार्यक्रम की पूरी जानकारी
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार:
- 25 मई 2026 – अधिसूचना जारी होगी
- 1 जून 2026 – नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख
- 2 जून 2026 – नामांकन पत्रों की जांच
- 4 जून 2026 – नाम वापस लेने की अंतिम तारीख
- 18 जून 2026 – मतदान
- 22 जून 2026 – मतगणना
- 25 जून 2026 – चुनाव प्रक्रिया पूर्ण
मतदान 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा।
किन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त
जिन विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें कई चर्चित नाम शामिल हैं। इनमें प्रशांत परिचारक, अरुणकाका जगताप, रविंद्र फाटक, चंदुभाई पटेल, मोहनराव कदम, अमरनाथ राजूरकर, दुष्यंत चतुर्वेदी, अनिल भोसले, डॉ. परिणय फुके, अनिकेत तटकरे, नरेंद्र दराडे, रामदास आंबटकर, प्रवीण पोटे, सुरेश धस, विप्लव बाजोरिया तथा अंबादास दानवे प्रमुख हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। महायुति और महाविकास आघाड़ी दोनों ही इन चुनावों में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गई हैं।
औरंगाबाद-जालना सीट पर विशेष नजर
औरंगाबाद-जालना निर्वाचन क्षेत्र पर इस बार विशेष राजनीतिक नजर रहेगी। वर्तमान सदस्य अंबादास दानवे राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। ऐसे में इस सीट पर राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प रहने वाले हैं।
जालना जिले में पहले से ही मराठा आरक्षण, स्थानीय विकास और राजनीतिक समीकरणों को लेकर माहौल गर्म है। ऐसे में विधान परिषद चुनाव राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन सकता है।
स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र क्या होता है?
स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य का चुनाव सीधे आम जनता नहीं करती। इसके लिए नगर परिषद, महानगरपालिका, जिला परिषद और पंचायत समितियों के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। इसलिए इन चुनावों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक शक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राजनीतिक दलों ने शुरू की रणनीति
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। कई जगहों पर बागी उम्मीदवारों की संभावना भी जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार:
- शिवसेना (उद्धव गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच कई सीटों पर सीधा मुकाबला हो सकता है।
- भाजपा और कांग्रेस भी स्थानीय समीकरणों के आधार पर मजबूत रणनीति तैयार कर रही हैं।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट भी अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।
चुनाव आयोग की तैयारियां शुरू
निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। संबंधित जिलों के प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीटों के लिए घोषित यह चुनाव कार्यक्रम राज्य की राजनीति में नई हलचल लेकर आया है। आगामी दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा, राजनीतिक जोड़तोड़ और चुनावी रणनीतियां चर्चा का केंद्र रहेंगी। खासतौर पर स्थानीय स्वराज्य संस्था क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
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- महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम घोषित: भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में 16 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें मतदान 18 जून को होना है।
- चुनाव की राजनीतिक अस्थिरता और प्रत्याशियों का चयन: यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और विभिन्न दल सक्रियता से उम्मीदवार चयन और राजनीतिक रणनीति बनाने में लगे हैं।
- चुनाव के लिए आवश्यक शर्तें पुरा होना: पूर्व में चुनाव नहीं हो सके थे क्योंकि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं का आवश्यक संख्या में कार्य करना और मतदाता सूची का उपलब्ध होना जरूरी था, जो अब पूरी हो चुकी हैं।
- चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया: अधिसूचना 25 मई, नामांकन अंतिम तिथि 1 जून, मतदान 18 जून और मतगणना 22 जून को होगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी।
- राजनीतिक प्रभावशाली क्षेत्रों की स्थिति और मुकाबला: औरंगाबाद-जालना जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान है, जहां वर्तमान सदस्य अंबादास दानवे हैं, और चुनाव का परिणाम राजनीतिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
कौन-कौन से क्षेत्र में होने वाले चुनाव काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और क्यों?
क्यों फिर पहले इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव क्यों नहीं हो पाया था?
पहले चुनाव इसलिए नहीं हो पाए थे क्योंकि इन क्षेत्रों में आवश्यक शर्तें पूरी नहीं हुई थीं, जैसे कि पर्याप्त संख्या में स्वराज्य संस्थाएं कार्यरत होना और मतदाता सूची का उपलब्ध होना। अब ये मानक पूरे हो चुके हैं।
स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र क्या है और इसमें चुनाव कैसे होता है?
स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य का चुनाव सीधे जनता नहीं करती बल्कि नगर परिषद, जिला परिषद और पंचायत समितियों के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संगठनात्मक शक्ति महत्वपूर्ण हो जाती है।
इन चुनावों के लिए किन शर्तों को पूरा करना जरूरी था और अब क्यों नहीं हो पाए थे पहले चुनाव?
इन चुनावों के लिए आवश्यक था कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में कम से कम 75 प्रतिशत कार्यरत हों एवं मतदाता सूची में कम से कम 75 प्रतिशत मतदाता हो, जो अब पूरी हो चुकी हैं। पहले इन शर्तों के पूरे न होने के कारण चुनाव नहीं हो सके थे।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियां कौन-कौन सी हैं?
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव की मुख्य तिथियों में अधिसूचना 25 मई, नामांकन की अंतिम तिथि 1 जून, नामांकन जांच 2 जून, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 4 जून, मतदान 18 जून, मतगणना 22 जून और चुनाव प्रक्रिया समाप्ति 25 जून है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026
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