🚨 अंधविश्वास पर बड़ा वार: फर्जी बाबाओं की सूची पुलिस को सौंपेगी समिति, पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन शुरू
जादूटोना विरोधी कानून के सख्त अमल की मांग, हर थाने में विशेष प्रकोष्ठ बनाने पर जोर
जालना | 23 मार्च 2026
महाराष्ट्र में अंधविश्वास के नाम पर हो रहे शोषण के खिलाफ अब बड़ा अभियान शुरू होता नजर आ रहा है। कथित ज्योतिषियों, फर्जी बाबाओं और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से आम नागरिकों के साथ हो रहे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है।
हाल ही में सामने आए ज्योतिषी अशोक खरात प्रकरण ने इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है, जिसके बाद महाराष्ट्र अंधविश्वास उन्मूलन समिति (अंनिस) ने सख्त कदम उठाने की मांग की है। समिति ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपाय लागू करने पर जोर दिया है।
📌 फर्जी बाबाओं की सूची तैयार, पुलिस को सौंपी जाएगी
अंनिस के अनुसार, राज्यभर में कई ऐसे कथित बाबा और ज्योतिषी सक्रिय हैं, जो लोगों को भ्रमित कर उनका शोषण कर रहे हैं।
समिति ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक जिले में ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी।
23 मार्च को समिति के प्रतिनिधियों ने पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
🚔 हर थाने में अंधविश्वास उन्मूलन प्रकोष्ठ बनाने की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार ने प्रत्येक पुलिस थाने में अंधविश्वास उन्मूलन प्रकोष्ठ स्थापित करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह व्यवस्था अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है।
समिति ने मांग की है कि इन प्रकोष्ठों को तुरंत सक्रिय किया जाए और उनमें पत्रकारों, महिलाओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए, ताकि क्षेत्र में हो रहे अंधविश्वास से जुड़े मामलों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
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📞 पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
अंनिस ने भोंदू बाबाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जालना जिले के लिए संपर्क नंबर इस प्रकार हैं:
📱 9423748334
📱 9420703914
📱 9823984433
महिलाओं के शोषण से जुड़े मामलों के लिए विशेष हेल्पलाइन:
📱 9422305929
इन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों की जांच कर संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी।
⚖️ जादूटोना विरोधी कानून के नियम जल्द बनाने की मांग
समिति ने कहा कि वर्ष 2013 में डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के प्रयासों के बाद जादूटोना विरोधी कानून लागू किया गया था, लेकिन अब तक इसके स्पष्ट नियम निर्धारित नहीं किए गए हैं।
अंनिस ने सरकार से मांग की है कि इस कानून के नियम जल्द तैयार किए जाएं, ताकि इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और पुलिस की जिम्मेदारियां स्पष्ट हों।
👉 इस कानून से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए
📱 सोशल मीडिया पर अंधविश्वास फैलाने वालों पर सख्ती की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी बाबाओं और ज्योतिषियों के वीडियो, रील्स और विज्ञापन तेजी से फैल रहे हैं, जिससे लोगों में अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है।
समिति ने सरकार से मांग की है कि ऐसे भ्रामक और अंधविश्वास फैलाने वाले कंटेंट पर नियंत्रण के लिए एक स्वतंत्र नियामक तंत्र बनाया जाए।
👥 नागरिकों से सहयोग की अपील
समिति ने जालना जिले के नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में किसी फर्जी बाबा द्वारा ठगी या शोषण किया जा रहा है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या समिति से संपर्क करें।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन और नागरिकों का संयुक्त प्रयास बेहद जरूरी है।
🔎 निष्कर्ष
अशोक खरात जैसे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि अंधविश्वास के नाम पर शोषण आज भी समाज में गहराई तक फैला हुआ है। ऐसे में अंनिस की यह पहल न केवल जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
फर्जी बाबाओं पर बड़ा एक्शन

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